चार श्रम संहिताओं के विरोध में यूनियनों की हड़ताल, बालको में उत्पादन आंशिक रूप से प्रभावित

कोरबा।केंद्र सरकार द्वारा लागू चार श्रम संहिताओं के विरोध में दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर गुरुवार को यूनियनों ने बालको गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान इंटर, एटक, सीटू, एचएमएस और नाम्स से जुड़े कर्मचारी एवं श्रमिक हड़ताल में शामिल हुए, जिससे भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) के उत्पादन पर आंशिक असर पड़ा।

एल्युमिनियम एम्पलाइज यूनियन के महासचिव सुनील सिंह ने बताया कि चार नई श्रम संहिताएं 44 पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर बनाई गई हैं। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार की नीतियों से ठेका प्रथा को बढ़ावा मिलेगा और फिक्स टर्म एम्प्लॉयमेंट को प्राथमिकता दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था में 8 घंटे के स्थान पर 12 घंटे कार्य कराने का प्रावधान किया गया है, जिससे नियमित रोजगार की गारंटी कमजोर होगी। साथ ही सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों में कटौती का भी आरोप लगाया गया।

यूनियन नेताओं का कहना है कि 300 से कम कर्मचारियों वाली कंपनियों में श्रम कानूनों का प्रभाव सीमित होगा और कारखाना बंद करने के लिए पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं रहेगी।

यूनियनों ने श्रमिक हितों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।