हेलीपैड नर्सरी ग्रीन जोन में रातोंरात पक्का निर्माण, नगर निगम ने चस्पा किया नोटिस

कोरबा। नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 28 स्थित ग्रीन जोन कहे जाने वाले हेलीपैड नर्सरी में शासकीय भूमि पर रातोंरात पक्के मकान का निर्माण किए जाने का मामला सामने आया है। नर्सरी के बीच एक कमरेनुमा प्लॉट काटकर दीवार खड़ी की जा रही थी, जिस पर नगर निगम की नजर पड़ते ही नोटिस जारी कर दिया गया।

नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर बनी हुई दीवार पर नोटिस चस्पा किया। निर्माण स्थल पर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं मिला, जिसके चलते अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि शासकीय भूमि पर कब्जा नियम विरुद्ध है और संबंधित व्यक्ति से जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है। साथ ही कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। यह नोटिस रविशंकर जोन कार्यालय से 7 तारीख को जारी किया गया है।

हालांकि नोटिस के बाद भी निर्माण की दीवार और सामग्री मौके पर यथावत पड़ी हुई है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि अवैध कब्जाधारी कभी भी पुनः निर्माण शुरू कर कब्जा करने की कोशिश कर सकता है।

बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर निर्माण किया जा रहा था, उसके समीप एक सामाजिक भवन भी बना हुआ है, जिसका उद्घाटन स्थानीय जनप्रतिनिधि द्वारा किया गया था।

उसी के आसपास देर रात यह निर्माण कार्य किया जा रहा था। निर्माण किसके द्वारा और किस उद्देश्य से कराया जा रहा था, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन अवैध कब्जे की मंशा से इंकार नहीं किया जा सकता।

हेलीपैड नर्सरी में अवैध कब्जे को लेकर पूर्व में भी वार्ड पार्षद द्वारा नगर निगम से शिकायत की जा चुकी है। कुछ वर्ष पहले ग्रीन जोन में किए गए अवैध कब्जों पर निगम ने कार्रवाई भी की थी। वर्तमान में भी हेलीपैड क्षेत्र के सड़क किनारे पेड़ों पर विभिन्न समाजों के बैनर-पोस्टर लगे हैं, जिनमें जमीन को समाज की या प्रस्तावित भूमि बताया गया है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर के मध्य स्थित हेलीपैड नर्सरी लोगों के लिए ऑक्सीजन जोन के समान है, जहां सुबह-शाम बड़ी संख्या में लोग टहलने आते हैं। यदि इसी तरह धीरे-धीरे कब्जा होता रहा तो यह हराभरा क्षेत्र समाप्त हो सकता है।

लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग और अधिकारी ग्रीन जोन को सुरक्षित रखने के लिए सख्त कदम उठाएं, ताकि भविष्य में इस प्रकार के अतिक्रमण की पुनरावृत्ति न हो।

इस संबंध में नगर निगम के संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।