चार श्रम संहिताओं के विरोध में 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल

कोरबा।केंद्र सरकार द्वारा 44 श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं में परिवर्तित किए जाने के निर्णय को लेकर श्रमिक संगठनों में नाराजगी देखी जा रही है। इस मुद्दे पर विभिन्न ट्रेड यूनियनों ने 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। कोरबा जिले में भी हड़ताल की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

एटक के जिला सचिव पवन वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने 21 जनवरी 2025 से चारों श्रम संहिताओं को लागू करने का निर्णय लिया है, जिससे संगठित और असंगठित क्षेत्र के करोड़ों मजदूर प्रभावित होंगे। उनका आरोप है कि नई श्रम संहिताएं मजदूर वर्ग के अधिकारों को सीमित करने वाली हैं।

उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत ट्रेड यूनियन पंजीयन के लिए अब कुल कर्मचारियों के 10 प्रतिशत या न्यूनतम 100 कर्मचारियों का समर्थन आवश्यक होगा, जबकि पूर्व में मात्र सात हस्ताक्षरों से पंजीयन संभव था।

साथ ही,औद्योगिक विवाद अधिनियम के स्थान पर लाई गई औद्योगिक संबंध संहिता में हड़ताल और सामूहिक सौदेबाजी के अधिकारों को सीमित किए जाने की बात भी कही गई है।

श्रमिक संगठनों का कहना है कि वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करेंगे। जिले में विभिन्न यूनियनों द्वारा बैठकें आयोजित कर हड़ताल की रणनीति तैयार की जा रही है।