कोरबा। जिले के 65 उपार्जन केन्द्रों में पंजीकृत किसानों से धान खरीदी शासन द्वारा तय व्यवस्था के तहत की जा रही है। इस वर्ष प्रशासन ने निगरानी और जांच व्यवस्था को पहले से अधिक सख्त किया है। आद्रतामापी यंत्र से नमी की जांच के बाद ही धान की खरीदी सुनिश्चित की जा रही है।
इसी कड़ी में अमानक धान के मामलों में कार्रवाई करते हुए निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर कुल 12 किसानों से लगभग 1000 क्विंटल रकबा की फसल सरेंडर कराई गई। साथ ही समिति परिसरों में जमा अमानक धान की नियमानुसार वापसी की प्रक्रिया भी की जा रही है।
पोड़ी उपरोड़ा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मनोज कुमार बंजारे ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उपार्जन केन्द्रों में किसी भी प्रकार की अनियमितता, ओवर रकबा, अमानक धान या गुणवत्ता से जुड़ी त्रुटियों को गंभीरता से लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि विभागीय टीमों द्वारा आगे भी लगातार निरीक्षण किए जाएंगे, ताकि पारदर्शिता और सुचारु उपार्जन प्रक्रिया बनी रहे।
मंडी टीम और राजस्व विभाग ने समिति प्रबंधन को उपार्जन कार्य में पूर्ण अनुशासन, सही रिकॉर्ड संधारण और गुणवत्ता मानकों के कड़ाई से पालन के निर्देश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि जिले में 15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी के बाद अब तक 25 मामलों में कारोबारियों के गोदामों सहित अन्य स्थानों पर कार्रवाई करते हुए अवैध धान जप्त किया जा चुका है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि 31 जनवरी के बाद धान उठाव के मामलों पर विशेष नजर रखी जाएगी।
Editor – Niraj Jaiswal
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