स्ट्रीट लाइट संचालन पर उठे सवाल, समय से पहले जलने और देर से बंद होने से बिजली की बर्बादी

कोरबा । कोरबा नगर पालिक निगम के कर्मचारियों पर शहर में स्ट्रीट लाइटों के संचालन को लेकर खुली मनमानी के आरोप लगे हैं। नागरिकों का कहना है कि नियमों और वास्तविक आवश्यकता को दरकिनार कर कई इलाकों में शाम 4 बजे से ही स्ट्रीट लाइटें जला दी जाती हैं, जबकि कुछ स्थानों पर सुबह 9 बजे तक भी लाइटें बंद नहीं की जातीं।

इस अव्यवस्थित कार्यप्रणाली के कारण जहां एक ओर बिजली की भारी बर्बादी हो रही है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम की कार्यशैली पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्ट्रीट लाइटों का उद्देश्य रात में सुरक्षा और सुविधा प्रदान करना है, न कि दिनदहाड़े अनावश्यक रूप से बिजली खर्च करना।

लोगों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि स्ट्रीट लाइटों के संचालन के लिए निर्धारित समय-सारिणी का सख्ती से पालन कराया जाए और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि सार्वजनिक धन और बिजली की बर्बादी रोकी जा सके।