मनरेगा से मजदूरों का अधिकार छीना गया: डॉ. चरणदास महंत

कोरबा।केन्द्र की भाजपा सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि सुधार के नाम पर लोकसभा में एक और बिल पारित कर दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना मनरेगा को खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।

यह महात्मा गांधी की सोच पर आघात और गरीब मजदूरों से काम का अधिकार छीनने की जानबूझकर की गई कोशिश है।

डॉ. महंत रविवार को गांधी चौक, कोरबा में आयोजित सामूहिक उपवास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अब तक संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाले अधिकारों पर आधारित थी, लेकिन नए फ्रेमवर्क के जरिए इसे शर्तों से बंधी और केन्द्र नियंत्रित योजना में बदल दिया गया है। इससे ग्रामीण मजदूरों की रोजगार सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन करने के साथ की गई।

इस अवसर पर सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने कहा कि मनरेगा एक रोजगार गारंटी कानून था, जिसमें मजदूरों को काम मांगने और पाने का अधिकार प्राप्त था। नए बदलावों से यह अधिकार कमजोर हुआ है।

पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने भी मनरेगा में किए जा रहे परिवर्तनों पर चिंता जताई।

कार्यक्रम में पूर्व विधायक मोहित केरकेट्टा, पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद, सांसद प्रतिनिधि हरीश परसाई, पूर्व सभापति श्यामसुंदर, मुकेश राठौर, मनोज चौहान सहित अन्य नेताओं ने अपने विचार रखे।

इस अवसर पर कुसुम द्विवेदी, श्रीमती सपना चौहान, अविनाश बंजारे, दिनेश सोनी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।