ऑनलाइन अटेंडेंस से बढ़ा अनुशासन और पारदर्शिता

कोरबा। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सभी शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आधार-सक्षम ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम अनिवार्य करने के बाद कोरबा जिले के सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और पारदर्शिता में उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है।

कलेक्ट्रेट में कलेक्टर कुणाल दुदावत स्वयं रोज सुबह 10 बजे से पहले ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर कार्यालय पहुंच रहे हैं, जिसका सकारात्मक असर अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों पर पड़ रहा है। अब ज्यादातर कर्मचारी समय से पहले कार्यालय आने लगे हैं।

इस सिस्टम के लागू होने से विभागीय कार्यों में तेजी आई है। अधिकारियों-कर्मचारियों को आने और जाने दोनों समय मोबाइल ऐप के जरिए उपस्थिति दर्ज करानी पड़ती है।

कार्यालय के निर्धारित लोकेशन को सिस्टम में फीड किया गया है, इसलिए अटेंडेंस केवल कार्यालय परिसर के आसपास ही मार्क की जा सकती है। इससे देर से आने, समय से पहले जाने या अनाधिकृत अनुपस्थिति जैसी समस्याओं पर प्रभावी अंकुश लगा है।

सरकार की इस पारदर्शी पहल की हर तरफ सराहना हो रही है। पहले आम नागरिक और जनप्रतिनिधियों की मुख्य शिकायत यही थी कि कर्मचारी समय पर नहीं आते और कई अधिकारी दौरे के बहाने कार्यालय से गायब रहते हैं।

अब ऑनलाइन अटेंडेंस के कारण ऐसी शिकायतें काफी कम हो गई हैं और कार्यालयीन संस्कृति में सकारात्मक बदलाव आया है।