आर्थिक प्रताड़ना से उजड़ा पूरा परिवार, पत्नी-बेटी की हत्या के बाद पति ने की आत्महत्या, दोषी महिला को 5 साल की सजा

कोरबा। कोरबा जिले में आर्थिक प्रताड़ना की एक हृदयविदारक घटना ने पूरे परिवार को तबाह कर दिया। मकान निर्माण कार्य की बकाया राशि नहीं मिलने से मानसिक रूप से टूट चुके एक मजदूर ने पहले अपनी पत्नी और मासूम बेटी की हत्या कर दी, फिर खुद आत्महत्या कर ली।

इस मामले में न्यायालय ने आरोपी महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी मानते हुए पांच वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

यह दर्दनाक घटना उरगा थाना क्षेत्र के कुकरीचोली गांव में 12 मई 2024 की रात करीब 8:30 बजे घटी। गांव के एक घर में जयराम रजक (आयु लगभग 40 वर्ष), उनकी पत्नी सुजाता रजक (आयु लगभग 35 वर्ष) और बेटी जयशिका रजक (आयु लगभग 12 वर्ष) के शव बरामद हुए थे। जयराम फांसी पर लटके थे, जबकि पत्नी और बेटी की हत्या की गई थी।

जयराम के भाई श्रीराम रजक की शिकायत पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पता चला कि जयराम रजक गांव की ही निवासी संतोषी जगत के मकान का निर्माण कार्य कर रहे थे। कार्य पूरा होने के बाद भी संतोषी जगत ने 1 लाख 88 हजार 100 रुपये की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया। लंबे समय तक पैसे की मांग करने और लगातार प्रताड़ना सहने के बाद जयराम मानसिक तनाव का शिकार हो गए।

आर्थिक संकट और प्रताड़ना से तंग आकर जयराम ने पहले पत्नी सुजाता और बेटी जयशिका की हत्या की, फिर खुद फांसी लगा ली। घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट में जयराम ने पूरी आपबीती लिखी थी। इसमें बकाया राशि न देने और लगातार प्रताड़ित करने का स्पष्ट उल्लेख था। यह सुसाइड नोट मामले का सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हुआ।

मामले की सुनवाई सत्र न्यायाधीश एस. शर्मा की अदालत में हुई। अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहियों पर विचार करने के बाद आरोपी संतोषी जगत को भारतीय दंड संहिता की धारा 306 (आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण) के तहत दोषी ठहराया। उन्हें पांच वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में अतिरिक्त छह माह की कैद भुगतनी होगी।

यह फैसला न केवल न्याय की जीत है, बल्कि समाज को यह चेतावनी भी देता है कि आर्थिक शोषण और प्रताड़ना के परिणाम कितने भयावह हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय पर भुगतान और मानवीय संवेदना अपनाना कितना जरूरी है।