कोरबा। एसईसीएल गेवरा कोयला परियोजना के प्रभावित ग्राम नरईबोध और गेवरा क्षेत्र के ग्रामीणों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर गेवरा खदान और एक आउटसोर्सिंग कंपनी के कार्यों को पूरी तरह ठप्प कर दिया। पुनर्वास, मुआवजा, बसाहट और वैकल्पिक रोजगार की मांग को लेकर सुबह 9:00 बजे से शुरू हुआ यह उग्र प्रदर्शन दोपहर 2:00 बजे तक जारी रहा, जिससे परियोजना का कार्य लगभग 4 घंटे तक बाधित रहा।
भारी संख्या में जुटे ग्रामीणों ने प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर पुलिस बल और सीआईएसएफ के जवान मुस्तैद रहे।
आंदोलन को समाप्त कराने के लिए तहसीलदार और एसईसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों, कंपनी प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच लंबी चर्चा हुई।
वार्ता के दौरान पीएनसी कंपनी में 13 भू-विस्थापितों को तत्काल प्रभाव से रोजगार में बहाल करने का निर्णय लिया गया। वहीं शेष 7 भू-विस्थापितों को उनका बी-फॉर्म और मेडिकल प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात 8 अप्रैल तक कार्य पर रखने का लिखित आश्वासन दिया गया।
लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित
एसईसीएल गेवरा के अधिकारियों और नायब तहसीलदार द्वारा लिखित में आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन समाप्त किया। ग्रामीणों का नेतृत्व कर रही गोमती केवट ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी 20 लोगों की जॉइनिंग और अन्य मांगें पूरी नहीं की जाती हैं तो भविष्य में पुनः उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
Editor – Niraj Jaiswal
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