काशी में छत्तीसगढ़ की बेटी इशिता कश्यप सम्मानित, ‘भारतीय नृत्य कला श्री पुरस्कार’ से नवाजी गईं

कोरबा की होनहार कथक नृत्यांगना ने विश्वनाथ नृत्य महोत्सव में उत्कृष्ट एकल प्रस्तुति देकर प्रदेश का नाम रोशन किया

कोरबा।छत्तीसगढ़ की होनहार बेटी इशिता कश्यप ने शिव की नगरी काशी (बनारस) में अपनी कथक नृत्य प्रतिभा से सबको मंत्रमुग्ध कर प्रदेश को गौरवान्वित किया है। हाल ही में आयोजित अंतरराष्ट्रीय नृत्य-संगीत प्रतियोगिता ‘काशी विश्वनाथ नृत्य महोत्सव’ में अपनी उत्कृष्ट एकल प्रस्तुति के लिए इशिता को ‘भारतीय नृत्य कला श्री पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।

यह प्रतिष्ठित आयोजन 27 और 28 दिसंबर को बनारस के दुर्गा कुंड स्थित श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार भवन में संपन्न हुआ, जिसमें देश-विदेश के कलाकारों ने भाग लिया। इशिता की आत्मविश्वासपूर्ण, ऊर्जावान और भावपूर्ण कथक प्रस्तुति ने दर्शकों का दिल जीत लिया। सम्मान स्वरूप उन्हें पारंपरिक पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया।

इशिता अपने गुरु अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त तबला वादक एवं नृत्य गुरु मोरध्वज वैष्णव के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रही हैं।

उनकी साधना में परंपरा और नवाचार का सुंदर संतुलन झलकता है। अब तक उन्होंने कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रथम स्थान प्राप्त किए हैं, जिससे भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने में योगदान दे रही हैं।

इस उपलब्धि से इशिता ने अपने माता-पिता, गुरुजनों के साथ-साथ कोरबा जिले और पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। इशिता केंद्रीय विद्यालय एनटीपीसी क्रमांक-2 की कक्षा सातवीं की छात्रा हैं। विद्यालय परिवार में उनकी सफलता पर हर्ष का माहौल है।

प्राचार्य एस. के. साहू ने कहा कि इशिता नृत्य के साथ पढ़ाई और अन्य सहगामी गतिविधियों में भी उत्कृष्ट हैं, इसलिए उन्हें शिक्षकों और विद्यालय का पूरा सहयोग एवं स्नेह मिलता है। इस उपलब्धि पर गुरुजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने इशिता को आशीर्वाद देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामनाएं की हैं।

इशिता जैसी युवा प्रतिभाएं भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य कर रही हैं।