शहर की 7 मुख्य सड़कों का होगा पुनः डामरीकरण: 10.68 करोड़ के प्रस्ताव पर मंजूरी लंबित, छोटी सड़कों को 3.50 करोड़ स्वीकृत

कोरबा । कोरबा शहर की प्रमुख सड़कों की बदहाली दूर करने की दिशा में कवायद जारी है। नगर निगम ने शहर की 8 मुख्य सड़कों के पुनः डामरीकरण एवं नवीनीकरण के लिए 10.68 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है, लेकिन अब तक इसकी मंजूरी नहीं मिली है। बारिश में खराब हुई इन सड़कों की मरम्मत भी फिलहाल नहीं हो पा रही है। वहीं, वार्डों की छोटी सड़कों के डामरीकरण के लिए 3.50 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल गई है।

सूत्रों के अनुसार,चार साल पहले नगर निगम ने 7 मुख्य सड़कों का लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण कराया था। खराब गुणवत्ता के कारण ये सड़कें जल्द ही उखड़ गईं और मरम्मत से काम चलता रहा। टी.पी. नगर, पावर हाउस रोड, महाराणा प्रताप चौक और नया बस स्टैंड रोड पर गड्ढों की समस्या गंभीर हो गई है। निगम अधिकारियों ने ठेका कंपनी को नोटिस देने की बात कही, लेकिन सड़कें आज भी जर्जर हाल में हैं।

नगरीय प्रशासन विभाग ने खराब सड़कों के लिए अनुमान (इस्टीमेट) मंगाया था। निगम ने पहले चरण में 8 सड़कों का प्रस्ताव भेजा है। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं कोरबा विधायक लखनलाल देवांगन ने भी इन सड़कों के नवीनीकरण के लिए पत्र लिखा है। उम्मीद है कि जल्द मंजूरी मिल जाएगी, जिससे शहर की 7 मुख्य सड़कों का पुनः डामरीकरण हो सकेगा।

इन सड़कों के डामरीकरण को मिली मंजूरी:

कुमगरी चौक से स्कूल तक: 40 लाख रुपये

अयोध्यापुरी से पाइपलाइन: 32 लाख रुपये

दादर कंकालीन मोड़ से मुख्य गेट तक: 1.18 करोड़ रुपये

रुपमुराकछार बस्ती से खदान मार्ग तक: 25 लाख रुपये

पाड़ीमार, ठाकुर घर से मार्केट तक: 25 लाख रुपये

मोतीसागर पारा, सीतामणी टेंट हाउस से गोकुलगंज: 20 लाख रुपये

पीपरपारा से भवानी मंदिर: 90 लाख रुपये

वीआईपी रोड से कोसाबाड़ी तक बनेगा गौरव पथ
मुख्य सड़कों के नवीनीकरण प्रस्ताव में वीआईपी रोड को शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि इसके लिए अलग से गौरव पथ निर्माण की 37 करोड़ रुपये की प्रशासकीय मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। यह गौरव पथ सीएसईबी चौक से वीआईपी रोड होते हुए आईटीआई से कोसाबाड़ी चौक तक बनेगा। टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है।

उरगा तक फोरलेन का प्रस्ताव धूल फांक रहा
गौ-माता चौक इमलीडुग्गू से बरबसपुर तक की सड़क नगर निगम की है, जिसे पीडब्ल्यूडी को सौंप दिया गया है। इसे उरगा तक फोरलेन बनाने के लिए 165 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन मंजूरी नहीं मिली। नेशनल हाईवे में ट्रांसफर का प्रस्ताव भी लंबित है।

नगर निगम कोरबा के अधीक्षण अभियंता सुरेश बरुआ ने बताया कि मुख्य मार्गों के डामरीकरण के प्रस्ताव पर अभी मंजूरी नहीं मिली है। वार्डों की छोटी सड़कों के लिए अधोसंरचना मद से स्वीकृति प्राप्त हो गई है और टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिन कार्यों का टेंडर हो चुका है, उनका निर्माण कार्य जारी है।