प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की कार्ययोजना हेतु समीक्षा बैठक संपन्न, कलेक्टर ने विभागों को 3 दिन में प्रस्ताव देने के निर्देश दिए

कोरबा।जिले के किसानों को प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना, पल्सेस मिशन एवं अन्य कृषक हितैषी योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने तथा कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी कर आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस प्रगति सुनिश्चित करने हेतु कलेक्टर श्री अजीत वसंत की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि निर्धारित इंडिकेटर को ध्यान में रखते हुए दो से तीन दिनों के भीतर अपने-अपने विभाग से संबंधित मांग एवं प्रस्ताव प्रस्तुत करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी मांगें सामुदायिक आधारित हों और कोरबा जिले की कृषि परिस्थितियों के अनुरूप तैयार की जाएँ।

कलेक्टर ने कृषि, मत्स्य, उद्यानिकी एवं उद्योग विभाग द्वारा की गई प्रारंभिक तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सरसों के उत्पादन में बढ़ोतरी, फसल प्रदर्शन गतिविधियाँ, कोल्ड स्टोरेज निर्माण, किसान क्रेडिट कार्ड वितरण में वृद्धि, सॉयल हेल्थ कार्ड उपलब्धता, प्राकृतिक खेती के विस्तार, सिचाई सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, किसान बाजार की स्थापना, बायो-फ्लॉक तकनीक से मत्स्य पालन, डेयरी इकाइयों की स्थापना, कृत्रिम गर्भाधान, पशु रोगों की रोकथाम, उद्यानिकी नर्सरी को सुदृढ़ करना, ड्रिप इरिगेशन, सोलर आधारित सिंचाई प्रणाली और कम्यूनिटी फेंसिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।

कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के वैज्ञानिकों ने बताया कि आधुनिक कृषि तकनीकों को प्रभावी रूप से खेतों तक पहुंचाने तथा उत्पादन बढ़ाने के लिए वे तकनीकी सहयोग निरंतर प्रदान करते रहेंगे।

बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश कुमार नाग, कृषि विभाग के उप संचालक देवेंद्र कंवर, मुरली मनोहर बघेल, श्रीमती पुष्पा कंवर, मत्स्य विभाग से के.के. बघेल, उद्यानिकी से श्रीमती भुनेश्वरी कंवर, पशु चिकित्सा विभाग से एस.एन. मिश्रा, केवीके से डॉ. एस.पी. सिंह,एम.एस.उर्रे, एम.आर. ध्रुव, तथा सहायक पंजीयक उपस्थित रहे।