कोरबा। जिला जेल कोरबा में निरुद्ध बंदियों के मानसिक सशक्तिकरण और उनके व्यक्तित्व विकास के उद्देश्य से राजयोग आधारित जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राजयोग प्रशिक्षक बीके भगवान ने बंदियों को आध्यात्मिक ऊर्जा, सकारात्मक सोच और आत्मचिंतन का महत्व समझाया।
बीके भगवान ने कहा कि व्यक्ति जिन कारणों से जेल तक पहुंचता है, उन कारणों पर चिंतन करके स्वयं को सुधारने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने बंदियों को अधिक समय ईश्वर चिंतन और सकारात्मक विचारों में लगाने की सलाह दी, जिससे आने वाला समय उनके लिए अनुकूल हो सके।
तनाव-मुक्त जीवन शैली विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत शांतिदूत संगीत और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। राजयोग शिक्षिका स्मृति ने बताया कि विकार और नशा मनुष्य को भगवान से दूर कर देते हैं, इसलिए इन पर नियंत्रण बेहद आवश्यक है।
जेल अधीक्षक अमितेश साहू ने कहा कि आध्यात्मिक और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े ऐसे आयोजन बंदियों के पुनर्वास और व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के अंत में कई बंदियों ने अपने अनुभव साझा कर सकारात्मक बदलाव और राजयोग अभ्यास को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया।
Editor – Niraj Jaiswal
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