पतुरियाडाँड़ हाई स्कूल में पहुँची शिक्षा की नई रोशनी, अंग्रेजी व्याख्याता की नियुक्ति से बच्चों के सपनों को मिली उड़ान

कोरबा।पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के सबसे दूरस्थ और आदिवासी बहुल गांव पतुरियाडाँड़ के शासकीय हाई स्कूल के लिए आज का दिन ऐतिहासिक बन गया। वर्षों से अंग्रेजी विषय के स्थायी शिक्षक की कमी से जूझ रहे इस विद्यालय को आखिरकार वह उम्मीद मिल गई, जिसकी प्रतीक्षा हर माता-पिता और विद्यार्थी कर रहे थे।

छत्तीसगढ़ सरकार की युक्तियुक्तकरण नीति के तहत अंग्रेजी विषय के व्याख्याता श्री विजय कुमार राठौर की नियुक्ति इस विद्यालय में की गई। चार-पाँच महीने पूर्व जॉइन करने के बाद से उन्होंने न सिर्फ नियमित अंग्रेजी कक्षाएँ शुरू कीं, बल्कि बच्चों के मन में बैठा अंग्रेजी का भय भी दूर कर दिया।

कक्षा 9वीं की छात्रा कुमारी धन कुंवर बताती हैं, “पहले अंग्रेजी देखते ही डर लगता था। अब सर पढ़ाते हैं तो मजा आता है और समझ भी आता है।”


कक्षा 10वीं की छात्रा आकांक्षा कहती हैं, “अब हमें लगता है कि हम बोर्ड परीक्षा में अच्छे नंबर ला सकते हैं। सर न होते तो शायद हम फेल हो जाते।”

सुनती, सरिता, सपना, अमृता, राजकुमारी, विक्रम, विष्णु, अशोक सहित सभी विद्यार्थी एक स्वर में कहते हैं कि “सर के आने से हमारा भविष्य सुरक्षित लगने लगा है।”

गाँव के बुजुर्गों और अभिभावकों ने भी गहरी संतुष्टि व्यक्त की है। उनका कहना है कि इतने दूरस्थ इलाके में हाई स्कूल खुलना बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन योग्य शिक्षक के बिना यह अपूर्ण था। अंग्रेजी व्याख्याता की नियुक्ति से अब बच्चों खासतौर पर बच्चियों में उच्च शिक्षा के प्रति नया आत्मविश्वास जागा है।

पतुरियाडाँड़ हाई स्कूल में आया यह सकारात्मक बदलाव छत्तीसगढ़ सरकार की युक्तियुक्तकरण नीति की सफलता का प्रमाण है। आज यहाँ की बच्चियाँ डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक और अन्य क्षेत्रों में करियर बनाने का सपना लेकर आगे बढ़ रही हैं।

बच्चों के चेहरों पर दिखाई दे रही नई चमक और आत्मविश्वास यही दर्शाते हैं कि शिक्षा की असली रोशनी अब सचमुच पतुरियाडाँड़ तक पहुँच चुकी है।