कोरबा। कोरबा जिला जैव विविधता का अनमोल खजाना साबित हो रहा है। यहां के जंगलों और आवासीय इलाकों में दुर्लभ प्रजातियों के जीव-जंतु और सांपों की मौजूदगी इसकी गवाही देती है। ताजा घटना मानिकपुर क्षेत्र के जेपी कॉलोनी (जयप्रकाश कालोनी) की है, जहां एक घर में राशन सामग्री के बीच एक अजीबोगरीब काले-सफेद रंग का सांप बैठा मिला।
स्थानीय भाषा में ‘बिल्ली सांप’ या ‘चिंगराज’ के नाम से जाना जाने वाला यह सांप वास्तव में **फॉर्स्टेन कैट स्नेक (Boiga forsteni) है, जो दक्षिण एशिया के निचले जंगलों और कृषि क्षेत्रों में पाया जाने वाला हल्का जहरीला सरीसृप है।
पूर्व पार्षद एवं पार्षद प्रतिनिधि सुशील गर्ग ने इसकी सूचना वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम के प्रमुख जितेंद्र सारथी को दी। रात करीब 9:30 बजे जेपी कॉलोनी निवासी दया शंकर मिश्रा के घर पहुंची टीम ने सांप को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया।
जितेंद्र सारथी ने बताया, “यह सांप रियर-फैंग्ड कोलुब्रिड प्रजाति का है, जो ब्राउन कलर के साथ एंगुलर ब्लैक क्रॉसबार्स और सफेद स्पॉट्स वाला होता है। यह नोक्टर्नल और आर्बोरियल है, यानी रात में सक्रिय और पेड़ों पर रहने वाला। इसका जहर हल्का होता है, जो इंसानों के लिए घातक नहीं है केवल स्थानीय सूजन या हल्के प्रभाव पैदा कर सकता है।
टीम ने सांप को थैले में रखा और स्थानीय लोगों को इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी, जिससे सभी ने राहत की सांस ली। अंत में, इसे सुरक्षित प्राकृतिक आवास जंगल में वापस छोड़ दिया गया। जितेंद्र सारथी ने जिले के सभी निवासियों से अपील की, “सांप दिखने पर घबराएं नहीं।
धैर्य रखें, दूरी बनाए रखें और तुरंत रेस्क्यू टीम को सूचना दें। सर्पदंश होने पर पहले जिला अस्पताल जाएं और टीम को भी बताएं, ताकि हम समय पर सहायता पहुंचा सकें।”
यह घटना कोरबा की समृद्ध जैव विविधता को रेखांकित करती है, जहां फॉर्स्टेन कैट स्नेक जैसी दुर्लभ प्रजातियां कभी-कभी मानवीय बस्तियों में भटक जाती हैं। सांप का आहार छिपकलियां, सांप, पक्षी, चमगादड़ और कृंतक होते हैं, और यह प्रजाति भारत के अधिकांश जंगलों में पाई जाती है, हालांकि असामान्य है।
**वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम, कोरबा**
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