पटाखों से बढ़ते प्रदूषण पर चिंता, लोग बोले- स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए सख्त नियम जरूरी

कोरबा। दीपावली के मौके पर कोरबा में पटाखों से होने वाले वायु प्रदूषण को लेकर लोगों में चिंता बढ़ रही है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे पर ठोस कदम उठाने की मांग की है।

राजेंद्र नगर के पार्षद अशोक चावलानी ने कहा कि लोग अक्सर उन चीजों की ओर आकर्षित होते हैं, जिनका विरोध होता है, भले ही बाद में इसके दुष्परिणाम भुगतने पड़ें।

सामाजिक कार्यकर्ता राजू सोनी ने जोर देकर कहा कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक चीजों को खत्म करने के लिए ठोस योजना बननी चाहिए। उन्होंने बताया कि कोरबा में प्रदूषण अब एक गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य समस्या बन चुका है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

कॉलेज छात्र आदित्य सिंह ने सवाल उठाया कि जब दिल्ली जैसे शहरों में दीपावली पर पटाखों पर प्रतिबंध लगाया जाता है, तो कोरबा जैसे पहले से प्रदूषित औद्योगिक क्षेत्रों के लिए सख्त नियम क्यों नहीं बनाए जाते?

जानकारों का मानना है कि कोरबा में पहले से ही बिजली घरों और कोयला खदानों से फैलने वाले प्रदूषण की वजह से हवा खतरनाक स्तर पर है। ऐसे में दीपावली की खुशी को पर्यावरण और स्वास्थ्य की सुरक्षा के साथ जोड़ना अब समय की मांग है।