दीपावली पर कोरबा में पटाखों का धुआं बढ़ाएगा वायु प्रदूषण, श्वसन रोगियों के लिए खतरा

कोरबा। दीपावली का पर्व जहां मिट्टी के दियों से रोशनी का प्रतीक है, वहीं पटाखों की आतिशबाजी इसकी चमक को वायु प्रदूषण के धुएं में बदल रही है। कोरबा जिले में इस बार दीपावली पर करोड़ों रुपये के पटाखों की बिक्री का अनुमान है, जिसका धुआं पहले से ही प्रदूषित इस औद्योगिक शहर की हवा को और जहरीला करेगा।

कोरबा, बालको नगर, जमनीपाली, कुसमुंडा, बाकीमोंगरा और दीपका जैसे क्षेत्रों में सैकड़ों पटाखा दुकानें सज चुकी हैं। बिजली घरों की चिमनियों और कोयला खदानों की धूल से जूझ रहे कोरबा में पटाखों का धुआं श्वसन संबंधी मरीजों, खासकर सांस और अस्थमा रोगियों, के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, त्योहारी सीजन में वातावरण में सूक्ष्म कणों (पीएम 2.5 और पीएम 10) का स्तर कई गुना बढ़ सकता है, जिससे हृदय रोगियों को भी जोखिम बढ़ेगा।

देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार कोरबा में औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई और जुर्माने के बावजूद प्रदूषण की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। ऐसे में पटाखों का धुआं और शोर शहर के पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए अतिरिक्त चुनौती बन सकता है।