किसानों का ऐलान: जमीन अधिग्रहण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगे

कोरबा। कोरबा जिले के पाली पड़निया गांव में रविवार को दशहरा मैदान में आयोजित जिला स्तरीय किसान महासम्मेलन में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (एसईसीएल) की खदानों के लिए हो रहे जमीन अधिग्रहण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक संघर्ष करने का फैसला लिया गया। महासम्मेलन में चंद्रनगर, सोनपुरी, रिस्दी, खोडरी, चुरैल, अमगांव, खैरभवना और पाली पड़निया के प्रभावित किसान और ग्रामीण शामिल हुए।

आयोजन में विधिक जागरूकता विशेषज्ञ भगवान रहियाणी (चेयरमैन, फोरम फॉर फास्ट जस्टिस) और प्रवीण पटेल (महासचिव, नेशनल फेडरेशन ऑफ सोसायटी फॉर जस्टिस) ने भू-विस्थापितों और किसानों को उनके अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने तकनीकी और कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अन्य राज्यों में इसी रणनीति से सफलता मिली है।

आयोजन समिति के अध्यक्ष दिलहरण सारथी ने कहा कि एसईसीएल और प्रशासन प्रभावितों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने बताया कि जमीन अविभाजित मध्यप्रदेश के समय अर्जित की गई थी, इसलिए मुआवजा मध्यप्रदेश के कानून के अनुसार मिलना चाहिए।

महासम्मेलन में कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, जिला पंचायत सदस्य विनोद यादव, नंदलाल, जोगीराम पटेल, बलराम यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और किसानों व विस्थापितों के हितों की रक्षा का संकल्प लिया। प्रभावितों ने एकजुट होकर कानूनी लड़ाई को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने का निर्णय लिया।