बलरामपुर में गांजा तस्करी का खुलासा: कोरबा से बनारस जा रही बस से 4.2 किलो गांजा जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार

बलरामपुर।बलरामपुर जिले में पुलिस की सतर्कता से एक बड़ी गांजा तस्करी की घटना का पर्दाफाश हुआ। वाड्रफनगर चौकी की पुलिस ने कोरबा से बनारस जा रही शिव शक्ति महिंद्रा बस में छापेमारी कर दो तस्करों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 4.200 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ, जो ओडिशा से लाकर उत्तर प्रदेश में बेचने के लिए ले जाया जा रहा था। यह कार्रवाई अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ पुलिस की बढ़ती सख्ती का हिस्सा है।

मुखबिर की सूचना पर नाकाबंदी, आधी रात को बस पर छापा 10 अक्टूबर की रात को वाड्रफनगर चौकी प्रभारी को मुखबिर से गुप्त सूचना मिली कि कोरबा से दो युवक बैगों में गांजा भरकर बनारस की ओर रवाना हुए हैं। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी ने तुरंत एक टीम गठित की और वाड्रफनगर क्षेत्र में नाकाबंदी शुरू कर दी। रात लगभग 12:30 बजे शिव शक्ति महिंद्रा बस चौकी के सामने पहुंची। पुलिस ने बस को रोका और यात्रियों की तलाशी ली।

बस के ऊपरी बर्थ पर बैठे दो संदिग्ध युवकों नीतीश चंद (19 वर्ष, पिता: प्रकाश चंद, निवासी: नदीहार, थाना राजगढ़, जिला मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश) और दीपक शर्मा (24 वर्ष, पिता: जयदेव शर्मा, निवासी: झापड़ी, थाना सुकृत, जिला सोनभद्र, उत्तर प्रदेश)के पास रखे दो बैगों की जांच में प्रत्येक बैग से 2.100 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। कुल 4.200 किलोग्राम गांजा जब्त कर लिया गया। पुलिस ने अपराध क्रमांक 188/2025 के तहत धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया।

ओडिशा से लाकर उत्तर प्रदेश में बेचने का प्लान पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने यह गांजा ओडिशा से खरीदा था और उत्तर प्रदेश में ऊंचे दामों पर बेचने के उद्देश्य से परिवहन कर रहे थे। आरोपी लंबे समय से इस धंधे में लिप्त बताए जा रहे हैं। पुलिस को शक है कि यह एक बड़े अंतरराज्यीय तस्करी रैकेट का हिस्सा हो सकता है, जो ओडिशा से छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ है। आगे की जांच में और खुलासे होने की संभावना है।

गिरफ्तारी और न्यायिक रिमांड 11 अक्टूबर को दोनों आरोपियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर रामानुजगंज न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में उप निरीक्षक धीरेंद्र तिवारी, सहायक उप निरीक्षक पुष्पराज सिंह, आरक्षक रामजीत राम, अंकित जायसवाल, देव कुमार, गोपाल सैनिक और धीरेन तिवारी की अहम भूमिका रही।

बलरामपुर एसपी ने पुलिस टीम को बधाई देते हुए कहा कि ड्रग तस्करी के खिलाफ अभियान तेज किया जाएगा।

बलरामपुर में बढ़ रही ड्रग तस्करी की घटनाएं हाल के महीनों में बलरामपुर जिले में ड्रग तस्करी के कई मामले सामने आ चुके हैं। जुलाई 2025 में ही वाड्रफनगर क्षेत्र में ही एक यात्री बस से 92 किलोग्राम गांजा के साथ चार तस्कर गिरफ्तार हुए थे, जो ओडिशा से वाराणसी ले जाए जा रहे थे।

इन घटनाओं से साफ है कि कोरबा-अंबिकापुर रूट पर तस्कर सक्रिय हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस से नाकाबंदी को और सख्त करने की मांग की है ताकि युवा पीढ़ी नशे के जाल से बच सके।