बालको नगर में पूर्व कर्मचारियों के खिलाफ प्रबंधन की कार्रवाई, बिजली-पानी काटने पर भड़का आक्रोश

कोरबा।बालको नगर कॉलोनी में पूर्व कर्मचारियों और बालको प्रबंधन के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। रिटायर्ड कर्मचारियों द्वारा कंपनी के आवास खाली न करने के कारण बालको प्रबंधन ने कड़ा रुख अपनाते हुए उनके घरों की बिजली, पानी और सीवरेज कनेक्शन काट दिए हैं। साथ ही सीवरेज लाइन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जिससे पूर्व कर्मचारी और उनके परिवार परेशान हो गए हैं। इस कार्रवाई के पीछे प्रबंधन का तर्क है कि रिटायरमेंट के बाद भी कई पूर्व कर्मचारी कंपनी के आवासों में रह रहे हैं, क्योंकि उनके रिटायरमेंट की कुछ राशि और अस्पताल सुविधाएं रोकी गई हैं।

हाल ही में बालको में एडमिन हेड के रूप में कैप्टन धनंजय मिश्रा की नियुक्ति के बाद यह अभियान तेज हुआ। प्रबंधन के निर्देश पर कर्मचारियों ने पूर्व कर्मचारियों के घरों की मूलभूत सुविधाएं बंद कर दीं, जिससे प्रभावित लोग स्थानीय नेताओं और बालको भाजपा मंडल के पदाधिकारियों से मदद मांगने पहुंचे।

विरोध में उतरे नेता, प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन

बालको प्रबंधन की इस कार्रवाई के खिलाफ बालको भाजपा मंडल के पदाधिकारी और पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं MIC सदस्य हितानंद अग्रवाल ने मोर्चा खोला। बुधवार को मंडल के पदाधिकारियों ने हितानंद अग्रवाल के नेतृत्व में बालको नगर प्रशासन कार्यालय पहुंचकर प्रबंधन के अधिकारी कुशाग्र कुमार को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान मंडल अध्यक्ष डीलेंद्र यादव, वरिष्ठ नेता सुमित तिवारी, लोकेश्वर चौहान, महामंत्री जयनंद राठौर, संपत यादव, उपाध्यक्ष मनोज भार्या, कोषाध्यक्ष राकेश सोनी, पार्षद चेतन मैत्री, महेश्वरी गोस्वामी, रेणु प्रसाद, भुवनेश्वरी चंद्रा, मीना डहरिया, राजा शर्मा, लखन लाल चंद्रा और आर.ए. नारायण उपस्थित रहे।

पदाधिकारियों ने प्रबंधन की कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए बिजली, पानी और सीवरेज कनेक्शन तत्काल बहाल करने की मांग की। साथ ही, आंदोलन की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।

पूर्व कर्मचारियों की समस्या

प्रभावित पूर्व कर्मचारियों का कहना है कि बालको प्रबंधन ने उनके रिटायरमेंट की बकाया राशि और अस्पताल सुविधाएं रोकी हुई हैं, जिसके कारण वे आवास खाली करने में असमर्थ हैं। इस कार्रवाई से न केवल उनकी दिनचर्या प्रभावित हुई है, बल्कि उनके परिवारों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय नेताओं और प्रभावित कर्मचारियों ने प्रबंधन से मांग की है कि रिटायरमेंट की बकाया राशि का भुगतान और अस्पताल सुविधाएं बहाल की जाएं, ताकि वे सम्मानजनक तरीके से आवास खाली कर सकें। इस मुद्दे पर प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।