रायगढ़ जिले के घरघोड़ा रेंज में एक हथिनी ने बीती रात एक स्वस्थ शावक को जन्म दिया है। यह घटना केराभार के एक किसान के खेत में हुई, जहां रात करीब 3 बजे हथिनी की चिंघाड़ से गांव में हलचल मच गई। गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर ग्रामीणों ने इस नन्हे शावक को भगवान गणेश का आगमन मानकर उत्साह के साथ इस दृश्य को देखने के लिए भारी संख्या में मौके पर पहुंच रहे हैं।
गांव में खुशी का माहौल
जैसे ही सुबह ग्रामीणों को इस घटना की जानकारी मिली, वे केराभार खेत की ओर उमड़ पड़े। छोटे गुमड़ा के युवा तोष साहू ने बताया कि गणेश उत्सव के दौरान इस शावक का जन्म गांववासियों के लिए शुभ संकेत है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय बाद जंगल में ऐसी सुखद घटना देखने को मिली है, जिसने पूरे इलाके को उत्साह और उमंग से भर दिया है। नन्हा शावक और उसकी मां दोनों स्वस्थ हैं, जिससे ग्रामीणों में खुशी की लहर है।
वन विभाग की निगरानी
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। घरघोड़ा वन परिक्षेत्र अधिकारी सीके राठिया ने बताया कि उनके क्षेत्र में 47 हाथियों का दल विचरण कर रहा था, जिसमें से 11 हाथी छाल रेंज में चले गए हैं। वर्तमान में 36 हाथियों का दल मौजूद है। बीती रात एक हथिनी ने शावक को जन्म दिया, जिसे उसके दल से मिला दिया गया है। वन विभाग की टीम मां और शावक की हर गतिविधि पर नजर रख रही है, क्योंकि नवजात शावक की सुरक्षा के लिए हथिनी कभी भी आक्रामक हो सकती है।
ग्रामीणों से सावधानी की अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे भीड़ न लगाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें ताकि हाथी परिवार को कोई परेशानी न हो। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि हथिनी के अचानक आक्रामक होने से जनहानि का खतरा हो सकता है। विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि मां और शावक दोनों स्वस्थ हैं और दल के साथ सुरक्षित हैं।
एक दुर्लभ और शुभ नजारा
ग्रामीणों के लिए यह पहली बार है जब उन्होंने अपने इलाके में इस तरह का नजारा देखा है। शावक के जन्म ने न केवल प्रकृति प्रेमियों बल्कि पूरे गांव को उत्साहित कर दिया है। गणेश चतुर्थी के इस अवसर पर यह घटना ग्रामीणों के लिए एक सुखद संयोग बन गई है। वन विभाग ने लोगों से शांति बनाए रखने और हाथियों की सुरक्षा के लिए सहयोग करने की अपील की है।
Editor – Niraj Jaiswal
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