सुधार गृह से 4 नाबालिग फरार, नई जगह शिफ्ट होने के 2 दिन बाद ही उजागर हुई सुरक्षा की खामियां

कोरबा। कोहडिया में नवनिर्मित बाल संप्रेक्षण गृह से चार नाबालिग अपराधी रविवार सुबह फरार हो गए। इन नाबालिगों ने बाथरूम के रोशनदान को तोड़कर भागने में सफलता पाई। घटना की जानकारी मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग (आईसीडीएस) के अधिकारी हरकत में आए और सीएसईबी पुलिस को सूचित किया गया। फरार नाबालिग जांजगीर जिले के निवासी बताए गए हैं।

सीएसईबी पुलिस चौकी प्रभारी भीमसेन यादव ने बताया कि कोहडिया में दो दिन पहले ही सुधार गृह को नए भवन में शिफ्ट किया गया था। इससे पहले यह केंद्र रिस्दी से बालको में संचालित हो रहा था। नए भवन में जरूरी काम पूरे होने के बाद विधिवत रूप से कामकाज शुरू हुआ, लेकिन शनिवार को शुरू हुए इस केंद्र से महज दो दिन बाद ही चार नाबालिगों के फरार होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए फरार नाबालिगों की तलाश शुरू कर दी है।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं:यह पहली बार नहीं है जब कोरबा के सुधार गृहों से नाबालिगों के फरार होने की घटना सामने आई है। इससे पहले बालको के किशोर संप्रेक्षण गृह से भी पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म के मामलों में शामिल तीन नाबालिग एक पखवाड़े पहले भाग निकले थे। पुलिस ने तब कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें पकड़ा था। बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं सुधार गृहों में सुरक्षा व्यवस्था की कमजोर कड़ी को दर्शाती हैं।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल:नए भवन में शिफ्ट होने के तुरंत बाद हुई इस घटना ने सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन केंद्रों में सुरक्षा को और कठोर करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। पुलिस और संबंधित विभाग अब इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं और फरार नाबालिगों को जल्द पकड़ने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

:कोहडिया सुधार गृह की यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि बाल सुधार केंद्रों में सुरक्षा और निगरानी के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। स्थानीय निवासियों ने भी ऐसी घटनाओं पर चिंता जताई है और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।