कांकेर: जिले के मांडाभर्री गांव में ग्राम पटेल गिरवर पांडे के निधन के बाद उनकी अंतिम यात्रा भजन-कीर्तन और बाजे-गाजे के साथ निकाली गई। इस दौरान ग्रामीणों ने “येखर का भरोसा चोला माटी के हे राम… जिंदगी का कोई ठिकाना नहीं है, यह मिट्टी का शरीर है” जैसे भजनों के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी। अंतिम यात्रा में सैकड़ों ग्रामीणों के साथ आसपास के गांवों के लोग भी शामिल हुए, जिन्होंने जीवन की नश्वरता का संदेश भक्ति भजनों के माध्यम से दिया।
गिरवर पांडे लंबे समय तक मांडाभर्री गांव के मुखिया रहे और अपनी भक्ति भावना के लिए जाने जाते थे। वे ग्रामीणों को धार्मिक कार्यक्रमों और भजन-कीर्तन के लिए प्रेरित करते थे। उनके निधन के बाद गांव वालों ने उनकी अंतिम यात्रा को भक्ति भाव से संपन्न किया, जो उनकी आध्यात्मिक जीवनशैली का प्रतीक बन गया। इस अंतिम यात्रा का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें भजन-कीर्तन के साथ निकली शोभायात्रा की भावपूर्ण झलक देखने को मिल रही है।
ग्रामीणों ने गिरवर पांडे की स्मृति को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी भक्ति और सामाजिक योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। यह घटना न केवल उनके व्यक्तित्व को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण संस्कृति और सामुदायिक एकजुटता की मिसाल भी पेश करती है।
Editor – Niraj Jaiswal
Mobile – 9754876042
Email – urjadhaninewskorba@gmail.com
Address – Press Complex, T.P. Nagar, Korba C.G. 495677
















