हाथियों के झुंड का मनमोहक दृश्य, वन विभाग की सतर्कता से मानव-हाथी संघर्ष पर नजर

कटघोरा वनमंडल में लगभग 52 हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है, जिनमें से एक मनमोहक दृश्य केंदई रेंज के वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री अभिषेक कुमार दुबे ने अपने कैमरे में कैद किया। इस तस्वीर में छोटे-छोटे हाथी शावक अपनी मां की गोद में आराम फरमाते नजर आए, जो हाथियों के पारिवारिक बंधन और सामाजिक जीवन को दर्शाता है। यह दृश्य न केवल प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जंगल इनके लिए सुरक्षित आश्रयस्थल है।

हाथियों की गतिविधियों पर वन विभाग की कड़ी निगरानी

वर्तमान में ये हाथी मुख्य रूप से केंदई और पसान परिक्षेत्र में सक्रिय हैं। वन विभाग द्वारा इनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि मानव-हाथी संघर्ष की संभावनाओं को कम किया जा सके। केंदई रेंज के वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री अभिषेक कुमार दुबे ने बताया कि हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही विभाग की टीम सतर्क हो गई है। आसपास के गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने और हाथियों के निकट न आने की सलाह दी जा रही है। साथ ही, किसी भी तरह की सूचना तुरंत वन विभाग को देने की अपील की गई है।

ग्रामीण भी सतर्क, हाथियों की सुरक्षा पर ध्यान

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का झुंड पिछले कुछ दिनों से इस क्षेत्र में विचरण कर रहा है। ग्रामीणों ने सतर्कता बरतते हुए जंगल की ओर जाने से परहेज किया है और हाथियों को नुकसान न पहुंचे, इसका भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। वन विभाग के कर्मचारी और अधिकारी मौके पर मौजूद हैं, जो हाथियों को गांव में प्रवेश करने से रोकने और उन्हें जंगल की ओर वापस ले जाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।

झुंड में नन्हे शावक और दंतैल हाथी

हाथियों के झुंड में कई नन्हे शावक भी शामिल हैं, जो अपनी मां के साथ विचरण कर रहे हैं। इसके अलावा, झुंड में एक दंतैल हाथी भी है, जो अपने समूह का नेतृत्व कर रहा है। यह दृश्य न केवल हाथियों की सामाजिक संरचना को उजागर करता है, बल्कि उनकी एकजुटता को भी दर्शाता है।

विश्व हाथी दिवस पर जागरूकता अभियान

हाल ही में 12 अगस्त को कटघोरा वनमंडल में विश्व हाथी दिवस मनाया गया था, जहां वन विभाग ने जन जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को मानव-हाथी सहअस्तित्व के महत्व के बारे में जागरूक किया था। इस अभियान का असर अब ग्रामीणों के व्यवहार में स्पष्ट दिखाई दे रहा है, क्योंकि वे सतर्कता बरत रहे हैं और वन विभाग के साथ सहयोग कर रहे हैं।

हाथियों के इस झुंड और उनके पारिवारिक बंधन की तस्वीर ने प्रकृति के प्रति प्रेम और सम्मान को और गहरा किया है। वन विभाग की सतर्कता और ग्रामीणों के सहयोग से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि न तो हाथियों को कोई नुकसान पहुंचे और न ही मानव-हाथी संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो। यह घटना जंगल और उसके निवासियों की सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित करती है।