बरपाली में शराब दुकान और अहाता सेंटर विवाद गहराया, राजेश शर्मा ने लगाए मारपीट और तोड़फोड़ के आरोप

कोरबा। बरपाली गांव में अंग्रेजी शराब दुकान और उससे जुड़े अहाता सेंटर को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अहाता सेंटर के संचालक राजेश शर्मा ने शुक्रवार को जिला आयुक्त से मुलाकात कर अपनी शिकायत दर्ज की, जिसमें उन्होंने पड़ोसी कैला रात्रे पर अवैध शराब बिक्री और हिंसा भड़काने का आरोप लगाया। इस विवाद ने गांव में तनाव बढ़ा दिया है, और प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।

राजेश शर्मा ने आरोप लगाया कि उनके अहाता सेंटर के बगल में रहने वाली कैला रात्रे अपने घर और दुकान में अवैध रूप से शराब पिलाती हैं। जब राजेश ने उन्हें समझाया कि दुकान में केवल चखना बेचना उचित है और बैठाकर शराब पिलाना नियम-विरुद्ध है, तो कैला रात्रे ने इसे निजी तौर पर ले लिया। इस मुद्दे पर 21 अगस्त 2025 को बरपाली में ग्रामसभा बुलाई गई, जिसमें सरपंच और पंचायत सदस्यों ने सर्वसम्मति से गांव से अंग्रेजी शराब दुकान हटाने का प्रस्ताव पारित किया। हालांकि, कैला रात्रे ने इस निर्णय को स्वीकार नहीं किया।

राजेश शर्मा ने बताया कि उसी दिन दोपहर करीब 4 बजे कैला रात्रे ने अपने परिचित प्रकाश दास महंत उर्फ “पड़की” को शराब पिलाकर उनके अहाता सेंटर में तोड़फोड़ करवाई। इस दौरान प्रकाश दास ने राजेश के साथ मारपीट की और उनके परिवार को गाली-गलौच भी दी। आत्मरक्षा में बीच-बचाव करते समय राजेश को चोटें आईं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं उनके साथ बार-बार हो रही हैं, और उन्होंने कई बार जिला आयुक्त से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

शुक्रवार को राजेश शर्मा ने पुनः जिला आयुक्त से मुलाकात की, लेकिन आयुक्त का जवाब निराशाजनक रहा। राजेश के अनुसार, जिला आयुक्त ने कहा, “मेरे पास चार सब इंस्पेक्टर और कुछ कांस्टेबल हैं। मैं पूरे जिले को छोड़कर केवल आपके लिए चौकीदारी नहीं कर सकती। विशेष कार्यवाही संभव नहीं है।” इस बयान से राजेश ने गहरी नाराजगी जताई और कहा कि प्रशासन की निष्क्रियता के कारण वे और उनका परिवार लगातार असुरक्षा की स्थिति में हैं।

यह विवाद अब बरपाली गांव में तनाव का कारण बन गया है। ग्रामसभा के निर्णय और अहाता सेंटर में हुई हिंसा ने स्थानीय लोगों के बीच चर्चा को जन्म दिया है। राजेश शर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन समय रहते कदम नहीं उठाता, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध शराब बिक्री और हिंसा की घटनाएं गांव के माहौल को खराब कर रही हैं।

बरपाली गांव में शराब दुकान और अहाता सेंटर को लेकर चल रहा विवाद अब हिंसा और प्रशासनिक निष्क्रियता के कारण गंभीर रूप ले चुका है। राजेश शर्मा की शिकायत और जिला आयुक्त के जवाब ने प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं। यह मामला न केवल स्थानीय प्रशासन के लिए, बल्कि जिले की कानून-व्यवस्था के लिए भी एक चुनौती बन गया है।