वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों का हमला, डिप्टी रेंजर सहित पांच घायल, छह के खिलाफ FIR

बालोद। बालोद जिले के पेवारी बीट में शासकीय कार्य के निरीक्षण के लिए पहुंची वन विभाग की छह सदस्यीय टीम पर रविवार सुबह करीब 50-60 ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में डिप्टी रेंजर शिवकुमार चंद्राकर सहित पांच वन कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को डौंडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया।

घटना सुबह 7:30 बजे डौंडी वन परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 156 में हुई। वन विभाग की टीम वाटर शेड मैनेजमेंट कार्य का निरीक्षण करने पहुंची थी। वाहन से उतरते ही ग्रामीणों ने अचानक हमला बोल दिया। डिप्टी रेंजर शिवकुमार चंद्राकर के दाहिने पैर में गहरी चोट आई, जबकि वन रक्षक गोपी साहू की पीठ और सीने पर डंडों के निशान बन गए। वन रक्षक हीरामन रावटे, देवचंद्र हिडको और ड्राइवर यश कुमार को भी चोटें आईं। सभी ने भागकर अपनी जान बचाई।

जमीन विवाद बना हमले का कारण:
वन विभाग के अनुसार, विवादित 50 एकड़ जमीन विभाग की है, और ग्रामीणों के पास इसका कोई पट्टा नहीं है। वहीं, ग्रामीण दावा कर रहे हैं कि यह जमीन उनके कब्जे में है। हमले में ग्राम मरकाटोला के दो पुरुष और पांच महिला मजदूरों को भी चोटें आईं, जिन्हें काम बंद करने की धमकी दी गई।

पुलिस में शिकायत, छह के खिलाफ अपराध दर्ज:
घायल मजदूर और वन कर्मी डौंडी थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। रेंजर जीवन लाल भोंडेकर ने बताया कि सोमनाथ, बेदूराम, अर्जुन, तुलसीराम, तुलाराम और भोलाराम के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। डौंडी थाना प्रभारी उमा ठाकुर ने कहा कि दोषियों की जल्द पहचान कर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों के बीच तनाव को उजागर किया है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस हमले की निंदा कर रहे हैं और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।