ईरान-इजराइल युद्ध: रायपुर जेलकर्मी की बेटी, दामाद और दो बच्चे कुम में फंसे, परिवार ने लगाई भारत सरकार से गुहार

रायपुर। मध्य पूर्व में ईरान और इजराइल के बीच छिड़े भीषण युद्ध ने छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के कई परिवारों को चिंता में डाल दिया है। रायपुर के मोमिनपारा निवासी और केंद्रीय जेल में वाहन चालक के रूप में कार्यरत कासिम अली की बेटी येमन रजा, दामाद एजाज जैदी, और उनके दो मासूम बच्चे (5 और 3 वर्ष) ईरान के कुम शहर में फंसे हुए हैं। इसके साथ ही मोमिनपारा की एक अन्य युवती भी उनके साथ है। बुधवार दोपहर से इन सभी का परिवार से संपर्क पूरी तरह टूट गया है, जिससे परिजन भय और तनाव में हैं। कासिम अली ने केंद्र और राज्य सरकार से अपने परिवार की सुरक्षित वापसी के लिए गुहार लगाई है।

कासिम अली ने बताया कि उनकी 29 वर्षीय बेटी येमन रजा को स्वास्थ्य समस्याएं हैं, और उन्हें समय-समय पर ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ती है। कुम शहर में इजराइल की भारी बमबारी के बीच येमन की तबीयत बिगड़ गई है। उनके दामाद एजाज जैदी ने किसी तरह ऑक्सीजन की व्यवस्था की, लेकिन स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। एजाज, जो मूल रूप से मध्यप्रदेश के दमोह के निवासी हैं, 2017 से ईरान में मौलवियत की धार्मिक शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। शादी के एक साल बाद उन्होंने अपनी पत्नी येमन को भी ईरान ले गए, और उनके दोनों बच्चे (5 और 3 वर्ष) वहीं पैदा हुए।

कासिम और उनकी पत्नी पहले नियमित रूप से वीडियो कॉल के जरिए बेटी और दामाद से संपर्क करते थे। लेकिन बुधवार दोपहर से सभी संपर्क टूट गया है। कासिम की पत्नी को माइग्रेन और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, और बेटी से संपर्क न हो पाने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई है। कासिम को अपनी पत्नी के स्वास्थ्य की चिंता के साथ-साथ ईरान में फंसे परिवार की सुरक्षा की भी फिक्र सता रही है। उन्होंने जेल से छुट्टी लेकर पत्नी की देखभाल शुरू की है।

ईरान से हाल ही में निकाले गए भारतीय छात्रों ने वहां की स्थिति का खौफनाक वर्णन किया है। दिल्ली के छात्र अली अकबर, जो तेहरान से लौटे हैं, ने बताया, “हर तरफ तबाही का मंजर था। बस यात्रा के दौरान हमने आसमान से ड्रोन और मिसाइल गिरते देखे। तेहरान पूरी तरह तबाह हो चुका है।” इन छात्रों के बयान ने युद्धग्रस्त क्षेत्र में फंसे लोगों की स्थिति को और स्पष्ट किया है।

भारत सरकार ने ईरान और इजराइल में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए ‘ऑपरेशन सिंधु’ शुरू किया है। भारतीय दूतावास ने ईरान में भारतीयों से सुरक्षित स्थानों पर जाने और आपातकालीन नंबरों पर संपर्क करने की अपील की है। विदेश मंत्रालय ने 24×7 नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है, जिसके संपर्क नंबर हैं: 1800118797 (टोल-फ्री), +91-11-23012113, +91-11-23014104, +91-11-23017905, और +91-9968291988। हालांकि, कासिम अली का कहना है कि अभी तक उन्हें कोई ठोस सहायता नहीं मिली है।

ईरान में लगभग 600 भारतीय छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है, और कुछ को आर्मेनिया सीमा तक पहुंचाया गया है। लेकिन कुम जैसे युद्धग्रस्त शहरों में फंसे लोगों को निकालना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

कासिम अली ने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की है कि उनकी बेटी, दामाद, दो मासूम पोतों, और अन्य फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जाए। उन्होंने कहा, “हमारी बेटी की तबीयत खराब है, और बमबारी के बीच उनका जीवन खतरे में है। हम सरकार से विनती करते हैं कि उन्हें जल्दी वापस लाया जाए।”

ईरान और इजराइल के बीच युद्ध ने मध्य पूर्व को अस्थिर कर दिया है। इजराइल की ओर से कुम और तेहरान जैसे शहरों में भारी बमबारी की जा रही है, जिससे नागरिकों का जीवन संकट में है। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के कई परिवार अपने प्रियजनों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

यह घटना भारत सरकार के समक्ष युद्धग्रस्त क्षेत्रों से अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने की चुनौती पेश करती है। कासिम अली जैसे परिवारों की पुकार सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग करती है। समाज और प्रशासन को भी ऐसे परिवारों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने और सहायता प्रदान करने की आवश्यकता है।