रायपुर में ट्रेस टू कैश स्कीम: प्लास्टिक कचरे से कमाएं नकद, पर्यावरण को भी लाभ

रायपुर नगर निगम ने प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक अभिनव पहल शुरू की है। ‘ट्रेस टू कैश’ स्कीम के तहत शहर में आठ स्थानों पर ‘कचरा से नकद’ केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां नागरिक अपने घरों और दुकानों से निकलने वाले अनुपयोगी प्लास्टिक और गत्ते को बेचकर नकद भुगतान प्राप्त कर सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य रीसाइक्लिंग को प्रोत्साहित करना और शहर को प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त करना है।

कचरे से कमाई, पर्यावरण को सुरक्षा

इन केंद्रों पर सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक अनुपयोगी प्लास्टिक कचरा और गत्ते की खरीद की व्यवस्था है। प्लास्टिक कचरे को 10 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा जा रहा है। निगम से अनुबंधित रामकी कंपनी एकत्रित सामग्री को सकरी स्थित अपने प्रोसेसिंग प्लांट में रीसाइकिल कर फाइबर और दाने बनाती है, जिसका पुन: उपयोग किया जाता है। इस प्रक्रिया से न केवल पर्यावरण को नुकसान कम होता है, बल्कि नागरिकों को आर्थिक लाभ भी मिलता है।

पिछले एक महीने में इन केंद्रों के माध्यम से 3600 किलोग्राम प्लास्टिक कचरा खरीदा गया है। केंद्रों पर कर्मचारी रजिस्टर में विक्रेता का नाम और कचरे की मात्रा दर्ज करते हैं, जिसके आधार पर तत्काल नकद भुगतान किया जाता है। गत्ते से बनी अनुपयोगी सामग्री की खरीद की सुविधा भी उपलब्ध है।

कचरा से नकद केंद्रों के स्थान

रायपुर नगर निगम ने शहर के विभिन्न हिस्सों में निम्नलिखित स्थानों पर कचरा से नकद केंद्र स्थापित किए हैं:

भनपुरी: रिंग रोड नंबर 2, बेस्ट प्राइस के पास ट्रांसफर स्टेशन

लोधीपारा: क्रिस्टल आर्किड के सामने हाट बाजार के पास

बूढ़ातालाब: धरना स्थल के पास ट्रांसफर स्टेशन

भैरव नगर: गोकुलनगर ट्रांसफर स्टेशन

हीरापुर: जरवाय गोधन केंद्र के पास

दलदल सिवनी: साइंस सेंटर के पीछे ट्रांसफर स्टेशन

पुरैना: सीएसपीडीसीएल ऑफिस के पास

देवपुरी: पानी टंकी के पास ट्रांसफर स्टेशन 1

पर्यावरण और समाज के लिए लाभकारी पहल

नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह योजना न केवल प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन को बेहतर बनाएगी, बल्कि शहरवासियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक भी करेगी। यह पहल स्वच्छ भारत अभियान और सर्कुलर अर्थव्यवस्था के सिद्धांतों को बढ़ावा देती है। स्थानीय लोग इस योजना का स्वागत कर रहे हैं और इसे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ अतिरिक्त आय का एक नया स्रोत मान रहे हैं।

रायपुर नगर निगम की इस पहल से उम्मीद है कि शहर न केवल स्वच्छ और सुंदर बनेगा, बल्कि प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में भी एक मिसाल कायम करेगा।