पीएम आवास की कितनी राशि मिली, डीएम ने पूछा लाभार्थियों से

लखनपुर व नगोई में सरकारी योजनाओं का हाल जाना

कोरबा। पोड़ी-उपरोड़ा विकासखण्ड के अनेक ग्रामों में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की गति क्या है, यह जानने के लिए डीएम अजीत वसंत ने लखनपुर व नगोईबछोर में निरीक्षण किया। उन्होंने जल जीवन मिशन, आंगनबाड़ी केंद्र, प्रधानमंत्री आवास जैसे योजनाओं की जानकारी लेते हुए योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश अधिकारियों को दिए।


कलेक्टर ने लखनपुर में हितग्राही महेत्तरीन बाई के घर पहुँच कर जल जीवन मिशन योजना के क्रियान्वयन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने पेयजल आपूर्ति के सम्बंध में हितग्राही से योजना से मिल रहे लाभ के सम्बंध में चर्चा की। वृद्धा हितग्राही ने बताया कि घर मे लगे टेपनल के माध्यम से सुबह शाम शुद्ध पेयजल की प्राप्ति हो रही है। इससे उन्हें दूर हैंडपंप के पास पानी लेने नही जाना पड़ता।

पीएचई विभाग के अधिकारियों को योजना से बसाहटों में पेयजल की निर्बाध आपूर्ति करने, लखनपुर के पुरानी बस्ती पारा एवं नगोईबछोरा गाँव में हितग्राहियों के घर पहुँचकर प्रधानमंत्री आवास निर्माण कार्य की जानकारी ली।

लखनपुर के हितग्राही सुकवारो बाई, कपिल, अशोक कुमार एवं नगोई बछोरा के कचरा बाई, इतवार सिंह पोर्ते के निर्माणरत आवास के कार्य प्रगति का अवलोकन किया।

कलेक्टर ने हितग्राहियों से पूछा कि अब तक उन्हें कितनी राशि मिली है। उन्होंने निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण कराने एवं गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही आवास मित्र व रोजगार सहायकों को निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने एवं जियो टैगिंग कार्य भी समय पर पूर्ण कराने हेतु निर्देशित किया। जिससे हितग्राहियों को समय पर योजना की तृतीय किश्त प्राप्त हो सके। उन्होंने आवास निर्माण में किसी प्रकार की धांधली या लापरवाही की शिकायत होने पर चेताया कि इसमें कार्यवाही होगी।

दौरे में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिनेश नाग, एसडीएम पोड़ी-उपरोड़ा टीआर भारद्वाज, सहित पीएचई, महिला बाल विकास व पीएम आवास विभाग के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।


बच्चों को दें गर्म व पौष्टिक आहार
लखनपुर के बसाहट ललमटिया में आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने आंगनबाड़ी में दर्ज व उपस्थित बच्चों की संख्या के सम्बंध में जानकारी ली।

उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका को बच्चों का पृथक-पृथक ग्रोथ चार्ट तैयार करने एवं केंद्र में दर्ज गंभीर कुपोषित बच्चों के प्रति विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

जिससे वे कुपोषण के दुष्चक्र से जल्द से जल्द बाहर आ सके। इस हेतु गर्म भोजन एवं अन्य पौष्टिक आहार प्रदान करने के लिए कहा एवं बच्चों के परिजनों को स्वास्थ्य व स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के भी निर्देश दिए।