कलेक्टर ने ली समय सीमा की बैठक, विभागीय कार्यों की हुई समीक्षा

अभियान चलाकर सीनियर सिटीजन का बनाएं आयुष्मान कार्ड : कलेक्टर

कोरबा। कलेक्टर अजीत वसंत ने समय सीमा की बैठक में विभागीय कार्यो एवं शासकीय योजनाओं के कार्य प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कोरबा ब्लॉक के ग्राम अजगरबहार में 26 दिसम्बर को दिव्यांगजन आकलन शिविर लगाने के निर्देश देते हुए इसका प्रचार-प्रसार करने और पात्र दिव्यांगजनों को चिन्हित कर उनका प्रमाण पत्र बनाकर ग्राम पंचायत के सचिवों के माध्यम से घर पर पहुंचाकर देने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अभियान चलाकर 70 साल एवं इससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों का वयवंदन योजना अंतर्गत आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए।


कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने जिले में 14 नवंबर से चल रही धान खरीदी की प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि धान खरीदी की प्रक्रिया अनवरत बिना किसी व्यवधान के चलती रहे। जिसका डीओ जारी हो चुका है, उन केंद्रों से धान का उठाव भी समय पर होना चाहिए।

कलेक्टर ने विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्र निर्माण की समीक्षा करते हुए सभी एसडीएम को शिक्षण सत्र समाप्त होने से पूर्व जाति प्रमाण पत्र बनवाने के निर्देश दिए। उन्होंने भू-अर्जन, रिकॉर्ड के दुरूस्तीकरण में प्रगति लाने के निर्देश देते हुए अज्ञात वाहन द्वारा टक्कर मारे जाने (हिट एण्ड रन) के मामलों में पीडि़त परिवारों को समय पर प्रतिकर राशि उपलब्ध कराने की दिशा में कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

बैठक में वनमंडलाधिकारी कोरबा अरविंद पीएम, निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर अनुपम तिवारी सहित अन्य सभी अधिकारी उपस्थित थे।


पीएम आवास के कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराएं
कलेक्टर अजीत वंसत ने जनपद अतंर्गत मनरेगा, पीएम आवास, पीएम जनमन के कार्य, डीएमएफ अंतर्गत स्वीकृत कार्य के संबंध में समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीएम आवास में उपलब्धि के आधार पर जनपद सीईओ के कार्यों का मूल्यांकन करने के निर्देश जिला पंचायत सीईओ को दिए।

जनपद अंतर्गत कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत जिले को जो लक्ष्य मिले हैं, उनमें से जो पात्र है, उनका आवास समय-सीमा में पूर्ण होना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना अंतर्गत स्वीकृत आवासों को पूर्ण कराने और निर्माण कार्य को मौके पर जाकर निरीक्षण करते हुए समय पर राशि जारी करने के निर्देश दिए।