छत्तीसगढ़ में दो हजार मेगावाट की ग्रीन ऊर्जा परियोजना के लिए एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एनजीईएल) और सीएसपीजीसीएल के बीच एमओयू

कोरबा । छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी (सीएसपीजीसीएल) ने ग्रीन एनर्जी की ओर कदम बढ़ाया है। इसके लिए रायपुर में एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एनजीईएल) और सीएसपीजीसीएल के बीच समझौता (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया है। दोनों कंपनियां मिलकर एक संयुक्त उपक्रम कंपनी बनाएंगी। संयुक्त उपक्रम कंपनी के माध्यम से राज्य में लगभग दो गीगावाट (दो हजार मेगावाट) क्षमता की ग्रीन ऊर्जा परियोजनाओं के विकास का काम करेंगी।

सीएसपीजीसीएल के प्रबंध निदेशक एसके कटियार तथा नेशनल थर्मल पावर कंपनी के पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी एनजीईएल के बीच के रीजनल एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर पीके मिश्रा की उपस्थिति में मंगलवार को एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

इस समझौता पत्र में एनजीईएल की ओर से महाप्रबंधक (अभियांत्रिकी) धीरेंद्र जोशी और सीएसपीजीसीएल की ओर से मुख्य अभियंता (कार्पोरेट प्लानिंग एंड बिजनेस डेवलेपमेंट) गिरीश गुप्ता ने हस्ताक्षर किया। संयुक्त उपक्रम कंपनी के माध्यम से नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का संचालन किया जाएगा। वर्तमान में सीएसपीजीसीएल की कोयला आधारित संयंत्रों से 2840 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा है। करीब 130 मेगावाट ग्रीन एनर्जी राज्य को मिल रहा।

सीएसपीजीसीएल ने वर्ष 2022 में 7,700 मेगावाट का पंप स्टोरेज आधारित जल विद्युत संयंत्र लगाने की घोषणा की थी। इसके तहत बांगो, गरियाबंद, जशपुर, और बलरामपुर के डैम पर जल विद्युत संयंत्र स्थापित किया जाना प्रस्तावित है। दोनों प्रोजेक्ट से करीब 9,700 मेगावाट ग्रीन एनर्जी का उत्पादन होगा। वर्ष केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण का 2029-30 तक राज्य में 9,700 मेगावाट से अधिक विद्युत की मांग पहुंचने का अनुमान है। विद्युत कंपनी ने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए ताप विद्युत संयंत्र के साथ ग्रीन एनर्जी संयंत्रों पर फोकस करना शुरू कर दिया है।

कोरबा पूर्व संयंत्र की रिक्त भूमि उपयुक्त

सीएसजीपीसीएल के संयंत्रों के प्रशासनिक भवनों में भी सौर ऊर्जा संयंत्र भी लगाए जाने की प्रक्रिया चल रही है। मड़वा प्रोजेक्ट में 20 किलोवाट का संयंत्र स्थापित किया जा चुका है। पुराना होने की वजह से 440 मेगावाट कोरबा पूर्व ताप विद्युत संयंत्र को वर्ष 2022 में बंद करना पड़ा था। इसके कलपूर्जे भी कबाड़ में बेचे जा चुके हैं। वर्तमान में यहां की 30 हेक्टेयर जमीन खाली है। यहां हरित बिजली प्रोजेक्ट विकसित करने पर विचार किया जा सकता है।

ऊर्जा स्त्रोत व स्थल के लिए शीघ्र दौरा- कटियार

सीएसपीजीसीएल के प्रबंध निदेशक एसके कटियार ने बताया कि विभिन्न ग्रीन ऊर्जा स्त्रोंतो के माध्यम से दो हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन सुनिश्चित किया जाना है। इसमें सोलर, जल व पवन ऊर्जा भी शामिल है। एनटीपीसी की टीम शीघ्र ही दौरा करेगी और संयंत्र के लिए स्थान का चयन किया जाएगा। इसके बाद प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर निविदा व अन्य प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उम्मीद है कि दो माह के भीतर परियोजना की पूरी रिपोर्ट तैयार हो जाएगी।