त्योहारों के मद्देनजर लॉ एण्ड ऑर्डर को बनाए रखें : कलेक्टर

जिले के प्राथमिक शालाओं में होगी 263 शिक्षकों की नियुक्ति

कोरबा। कलेक्टर अजीत वसंत ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में समय सीमा की बैठक लेकर विभागीय कामकाजों की समीक्षा की। उन्होंने इस माह नवरात्रि पर्व, दशहरा तथा दीपावली एवं अन्य पर्व को देखते हुए एसडीएम सहित सिटी मजिस्ट्रेट को निर्देशित किया कि शहरी क्षेत्रों में होने वाले विभिन्न आयोजनों एवं कार्यक्रमों के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने तथा किसी प्रकार की अनहोनी को रोकने वे आयोजन स्थल पर जाकर आवश्यक व्यवस्था देखें और पुलिस के साथ समन्वय बनाकर जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखें।


कलेक्टर ने नवरात्रि एवं दशहरा त्यौहार के मद्देनजर कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करने तथा लोगों के आने जाने के लिए बनाए गए रास्ते एवं बैठक व्यवस्था आदि का भी निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि जिले में डीएमएफ से मानदेय के आधार पर होने वाली 263 अतिथि शिक्षको की भर्ती 15 दिनों के भीतर पूर्ण की जाए। समय सीमा की बैठक में कलेक्टर ने विभागवार लंबित टीएल के प्रकरणों की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि स्कूली विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्र बनाने के कार्यों में प्रगति लाएं। उन्होंने शासकीय कार्यों के लिए दी गई राशि का गबन करने वाले सरपंचों से वसूली के निर्देश एसडीएम को दिए।

कलेक्टर ने बैठक में बाजार शेड निर्माण, हॉस्टल तक पहुंच मार्ग, वृद्धाश्रम, पीएम जनमन, विद्युत विहीन ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था, सामुदायिक भवन सह ऑफिस कार्यालय, प्रधानमंत्री आवास योजना, आवास मित्रों की भर्ती प्रक्रिया, पेंशन एवं आधार सीडिंग, आंगनबाड़ी केंद्रों में रिक्त पदों पर भर्ती सहित अन्य बिंदुओं पर चर्चा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में प्रभारी जिला पंचायत सीईओ व निगम आयुक्त श्रीमती प्रतिष्ठा ममगाई, डीएफओ कटघोरा कुमार निशांत, अपर कलेक्टर अनुपम तिवारी सहित सभी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।


डीएमएफ से बनेंगे 200 करोड़ के पुल-पुलिया व रोड
बैठक के दौरान कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी, पीएमजीएसवाई और सेतु विभाग को निर्देशित किया कि क्षेत्र में पुल-पुलिया, रोड की जरुरत के अनुसार जनप्रतिनिधियों से अनुशंसा कराकर पुल-पुलिया और रोड का प्रस्ताव तैयार करें। इस हेतु सम्पूर्ण जिले में 200 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है।