जहाँ एसी, कूलर भी फेल वहां प्लास्टिक के तिरपाल के साथ जिंदगी की जद्दोजहद, भयंकर गर्मी के बीच दिखा भयंकर मंजर

कोरबा: देश, प्रदेश और हर गली मोहल्ले में कुदरती आफत बरस रही हैं और ये आफत यानी आसमानी यानी लू और हीटवेव की हैं। देशभर में तापमान सारे रिकॉर्ड तोड़ रहा हैं। नौतपे के बीच बात अगर छत्तीसगढ़ की करें तो यहाँ भी इस बार भीषण गर्मीं ने पिछले दस सालों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। हर दिन पारा 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाता हुआ दिखाई पड़ रहा है। इस प्रचंड गर्मीं ने आम जनजीवन को झकझोर कर रख दिया हैं। सूरज की तपिश ऐसे कि महंगे कूलर और एसी ने भी जवाब दे दिया हैं।

लेकिन इस बीच कुछ ऐसी तस्वीरें भी सामने आई हैं जहां गरीब तबके के लोग एसी या कूलर के बीच नहीं बल्कि प्लास्टिक के तिरपाल के साथ इस आसमानी आग का सामना कर रहे हैं। ऐसे में हर कोई सोचने पर मजबूर हो जाता हैं कि आखिर ऐसा कैसे सम्भव हैं?

दरअसल हम बात कर रहे हैं प्रदेश के उर्जाधानी कोरबा की। कोयला उगले वाला यह जिला इन दिनों कोयले के साथ मानों आग भी उगल रहा है। धूल और प्रदूषण के बीच कोरबा का तापमान 45 से 46 डिग्री के बीच जा पहुंचा हैं। लोग सारे कामकाज छोड़कर कूलर और एसी के सामने डटे हुए हैं। ऐसे में रेलवे स्टेशन के पास मौजूद कुछ परिवार गर्मीं से अलग तरीके से जूझ रहे हैं।

ये परिवार तपती दोपहरी में भी खुले आसमान के नीचे प्लास्टिक बोरी के तंबू बनाकर किसी तरह जीवन-यापन कर रहे है। हैरानी इस बात को लेकर भी हैं कि इनकी सुध अब तक न शासन-प्रशासन ने ली हैं और न ही समाजसेवियों या जनप्रतिनिधियों ने। ऐसे में कुदरती आफत के बीच इसके संघर्ष को देखकर हर कोई हैरान हैं और प्रशासन से इनके लिए राहत की उम्मीद कर रहा हैं।