90 वर्ष की उम्र में भी रामभक्ति का अनूठा समर्पण, बहुरा बाई ने राम मंदिर को भेंट किया चांदी का मुकुट

अयोध्या धाम पहुंचकर श्रीराम मंदिर ट्रस्ट को सौंपा 1 किलो का मुकुट,मंदिर निर्माण के लिए पहले भी दे चुकी हैं एक लाख रुपये

कोरबा। भगवान श्रीराम के प्रति अटूट श्रद्धा और समर्पण की प्रेरणादायक मिसाल बालको नगर में सामने आई है। 90 वर्ष की उम्र में भी रामभक्ति से ओतप्रोत बहुरा बाई ने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर ट्रस्ट को 1 किलो 39 ग्राम वजन का चांदी का मुकुट भेंट किया है। इससे पहले भी वह राम मंदिर निर्माण के लिए अपनी जीवनभर की जमा पूंजी से एक लाख रुपये का दान कर चुकी हैं। उम्र के इस पड़ाव पर उनका यह धार्मिक समर्पण क्षेत्र में चर्चा और प्रशंसा का विषय बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार बहुरा बाई वार्ड क्रमांक 40 के पार्षद रजत खूंटे की दादी हैं। वह अपने परिवार और पोते रजत खूंटे के साथ अयोध्या धाम पहुंचीं।यहां उन्होंने पूरे श्रद्धाभाव और विधि-विधान के साथ श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों को चांदी का मुकुट भेंट किया। इस दौरान ट्रस्ट के सदस्यों ने उनके भक्ति भाव और समर्पण की सराहना की तथा परिवार को आशीर्वाद दिया।

बहुरा बाई का भगवान श्रीराम के प्रति यह समर्पण केवल एक भेंट तक सीमित नहीं है। राम मंदिर निर्माण के समय भी उन्होंने अपनी जमा पूंजी से एक लाख रुपये का योगदान दिया था। अब चांदी का मुकुट अर्पित कर उन्होंने अपनी आस्था को एक बार फिर अभिव्यक्त किया है।

पार्षद रजत खूंटे ने इसे अपने और पूरे परिवार के लिए गौरव एवं सौभाग्य का क्षण बताया। 90 वर्ष की उम्र में बहुरा बाई की श्रद्धा, उदारता और समर्पण बालको नगर सहित पूरे कोरबा में सराहना का विषय बना हुआ है। उनका यह योगदान नई पीढ़ी को आस्था, सेवा और संस्कारों से जुड़े रहने की प्रेरणा दे रहा है।