नराईबोध के विस्थापन मामलों पर त्रिपक्षीय वार्ता में बनी सहमति, दिसंबर से शुरू होगी पुनर्वास प्रक्रिया

बसाहट, रोजगार और मुआवजे के मुद्दों पर एसईसीएल प्रबंधन, प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुई चर्चा; सुरक्षा के बाद 300 से 330 प्लॉट आवंटित करने की तैयारी

कोरबा। एसईसीएल गेवरा क्षेत्र से प्रभावित ग्राम नराईबोध के ग्रामीणों की बसाहट, रोजगार, मुआवजा और पुनर्वास संबंधी मांगों को लेकर 23 अक्टूबर 2026 को गेवरा क्षेत्रीय सभागार में त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की गई।

बैठक में एसईसीएल प्रबंधन, जिला प्रशासन और ग्रामीण प्रतिनिधियों के बीच विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

प्रबंधन ने सुरक्षा की दृष्टि से बसाहट स्थल का समतलीकरण कराने के बाद लगभग 300 से 330 प्लॉट आवंटित करने की जानकारी दी। वहीं, पुनर्वास से जुड़ी प्रक्रियाएं दिसंबर 2026 से शुरू करने की तैयारी बताई गई।

बैठक में कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, एसडीएम विपिन दुबे, दीपका तहसीलदार राजभानु, एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के महाप्रबंधक अशोक कुमार, स्टाफ ऑफिसर (भू-राजस्व), कार्मिक प्रबंधक सुधा शेनंड़े, ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप सहित ग्राम नराईबोध के जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

74 एकड़ भूमि की मांग, 300 से 330 प्लॉट देने की जानकारी
ग्रामीणों ने इश्तहार में उल्लेखित 74 एकड़ भूमि के अनुरूप बसाहट की व्यवस्था करने की मांग रखी। इस पर एसईसीएल प्रबंधन ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर स्थल का समतलीकरण कराने के बाद वहां लगभग 300 से 330 प्लॉट उपलब्ध कराए जा सकेंगे। ये प्लॉट केवल ग्राम नराईबोध के प्रभावित ग्रामीणों को आवंटित किए जाएंगे।

450 लोगों ने एकमुश्त राशि के लिए दी सहमति
पुनर्वास प्रक्रिया पर चर्चा के दौरान प्रबंधन ने जानकारी दी कि लगभग 450 लोगों ने बसाहट के एवज में एकमुश्त राशि लेने के लिए सहमति दी है। पात्र और अपात्र हितग्राहियों की सूची तैयार की जा रही है। बिलासपुर मुख्यालय से स्वीकृति मिलने के बाद दिसंबर 2026 से प्लॉट आवंटन, मकानों के ध्वस्तीकरण और भुगतान की प्रक्रिया शुरू करने की योजना है।

मुआवजा और तकनीकी मामलों पर भी हुई चर्चा
बैठक में परिसंपत्तियों के मुआवजे को लेकर भी चर्चा हुई। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि भू-स्वामियों और मकान स्वामियों के बीच सहमति नहीं बनने की स्थिति में मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के प्रावधानों के अनुसार भुगतान की कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम और गेवरा महाप्रबंधक ने बताया कि भू-स्वामी अथवा उनके विधिक वारिसों की सहमति के बिना भुगतान किए जाने पर आपत्ति की स्थिति में मुख्यालय से समय-सीमा के भीतर दिशा-निर्देश प्राप्त कर उचित कदम उठाए जाएंगे।

इसके अलावा ग्राम नराईबोध की घटते क्रम की सूची में निर्धारित 0.51 एकड़ के कट-ऑफ बिंदु से संबंधित संशोधन की प्रक्रिया जारी होने की जानकारी दी गई। सक्षम अधिकारी की मंजूरी के बाद इस पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

समय-सीमा में समाधान की ग्रामीणों ने रखी मांग
ग्रामीणों ने बैठक में स्पष्ट किया कि वे खदान विस्तार के विरोधी नहीं हैं, लेकिन बसाहट, पेयजल, सुरक्षा, रोजगार, मुआवजा और विस्थापन से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सहमति से तय किए गए मुद्दों पर निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि ग्रामीणों को अपनी मांगों के लिए बार-बार आंदोलन करने की स्थिति का सामना न करना पड़े।

बैठक का समापन सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ। अब ग्रामीणों की नजर प्रबंधन और प्रशासन द्वारा बैठक में दी गई जानकारी तथा प्रस्तावित समय-सीमा के अनुरूप की जाने वाली कार्रवाई पर रहेगी।