कोरबा जिले में 2,961 हेक्टेयर घटा धान का रकबा, फसल विविधीकरण पर जोर

धान के बदले दलहन-तिलहन की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहन; दूसरी फसल लेने पर 15 हजार और धान के अतिरिक्त फसल लेने पर 10 हजार रुपये प्रति एकड़ सहायता के लिए पंजीयन के निर्देश

कोरबा।धान खरीदी की तैयारियों के बीच कोरबा जिले में खरीफ 2026 के दौरान धान का रकबा 2,961 हेक्टेयर कम हुआ है। कृषि विभाग की समीक्षा में सामने आए इस बदलाव के बाद जिला प्रशासन ने फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने और किसानों को धान के विकल्प के रूप में दलहन, तिलहन सहित अन्य फसलें अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया है।

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कृषि विभाग के मैदानी अमले की बैठक लेकर किसानों का समय-सीमा में पंजीयन कराने और शासन की योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

इससे पहले 23 अक्टूबर को बिलासपुर के मंथन सभागार में कृषि उत्पादन आयुक्त एवं कृषि एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव की अध्यक्षता में खरीफ 2026 की प्रगति और रबी 2026-27 की कार्ययोजना की संभागीय समीक्षा बैठक हुई थी। इसमें दिए गए निर्देशों के पालन की समीक्षा कोरबा में की गई।

धान के विकल्प अपनाने पर मिलेगी प्रोत्साहन राशि
बैठक में बताया गया कि फसल विविधीकरण के तहत धान के स्थान पर दूसरी फसल लेने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ तथा धान के अतिरिक्त अन्य फसल लेने पर 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की सहायता का प्रावधान है।

इसके लिए पात्र किसानों का एकीकृत किसान पोर्टल पर निर्धारित समय-सीमा में पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि किसानों को योजनाओं की जानकारी देकर दलहन, तिलहन और अन्य वैकल्पिक फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) की प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत अधिसूचित दलहन एवं तिलहन फसलों की खरीदी के लिए भी किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा गया।

रबी में खेती का क्षेत्र बढ़ाने का लक्ष्य
रबी सीजन 2026-27 में पड़ती भूमि पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत क्षेत्र में खेती बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। कलेक्टर ने इसके लिए मैदानी स्तर पर किसानों से संपर्क कर आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिए।

साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों को छोड़कर शेष क्षेत्रों में ग्रीष्मकालीन धान का रकबा शून्य करने और किसानों की मांग के अनुसार गुणवत्तापूर्ण बीज का भंडारण एवं वितरण सुनिश्चित करने को कहा।

योजनाओं और पंजीयन की भी समीक्षा
बैठक में खरीफ फसल क्षेत्राच्छादन, फसल विविधीकरण, रबी की पड़ती भूमि पर अतिरिक्त खेती, ग्रीष्मकालीन धान का रकबा घटाने, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना तथा एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन की समीक्षा की गई। वैकल्पिक पोषण प्रबंधन से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, उप संचालक कृषि देवेंद्र पाल सिंह कंवर, सहायक संचालक कृषि, बीज निगम एवं बीज प्रमाणीकरण संस्था के अधिकारी और कृषि विभाग का मैदानी अमला उपस्थित रहा।