कटघोरा के गढ़कलेवा में बस्तर के स्वाद से लेकर छत्तीसगढ़ी संस्कृति तक की झलक

महुआ के लड्डू, कुकीज़ और ग्रीन टी के साथ पारंपरिक परिधान व आभूषण भी उपलब्ध; श्रीया स्व सहायता समूह कर रहा संचालन

कटघोरा। छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खानपान संस्कृति और स्थानीय उत्पादों को एक मंच पर सहेजने की पहल कटघोरा के गढ़कलेवा में देखने को मिल रही है। यहां बस्तर के प्राकृतिक उत्पादों से तैयार महुआ के लड्डू, कुकीज़ और ग्रीन टी जैसे विशिष्ट खाद्य पदार्थ उपलब्ध हैं। इनके साथ छत्तीसगढ़ी पारंपरिक व्यंजनों, गमछों, साड़ियों और पारंपरिक आभूषणों को भी स्थान दिया गया है।

इससे गढ़कलेवा में आने वाले लोगों को स्थानीय स्वाद के साथ प्रदेश की लोकसंस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली से जुड़ी वस्तुओं को जानने-समझने का अवसर मिल रहा है।

श्रीया स्व सहायता समूह द्वारा संचालित गढ़कलेवा में पारंपरिक खानपान और स्थानीय उत्पादों को प्रमुखता दी जा रही है। महुआ जैसे वन उत्पादों से तैयार खाद्य सामग्री यहां का खास आकर्षण है।

वहीं,पारंपरिक परिधान और आभूषण छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को सामने लाते हैं।गढ़कलेवा की यह पहल स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक खानपान को लोगों तक पहुंचाने का माध्यम बन रही है। ऐसे प्रयासों से क्षेत्रीय व्यंजनों, वन उत्पादों और लोकपरंपराओं को नई पहचान मिलने के साथ स्व सहायता समूहों के काम को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।