हिंदी साहित्य, शिक्षा और कला में विशिष्ट योगदान पर डॉ. सुषमा पाण्डेय को ‘विद्यासागर’ की मानद उपाधि

कोरबा। कोरबा की प्रख्यात साहित्यकार एवं शिक्षाविद् डॉ. सुषमा पाण्डेय को हिंदी साहित्य, हिंदी सेवा, सरस्वती साधना, शिक्षा और कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘विद्यासागर’ की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान बिहार के गोपालगंज स्थित थावे विद्यापीठ की ओर से प्रदान किया गया। विद्यापीठ की अकादमिक परिषद की अनुशंसा पर 25 अक्टूबर 2026 को हरिद्वार में आयोजित अधिवेशन के दौरान उन्हें यह मानद उपाधि दी गई।

डॉ. सुषमा पाण्डेय का चयन उनकी साहित्यिक एवं शैक्षणिक उपलब्धियों, हिंदी भाषा और साहित्य के प्रति समर्पण तथा कला के क्षेत्र में योगदान को ध्यान में रखते हुए किया गया। इसके साथ ही राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी प्रतिष्ठा को भी सम्मान के लिए आधार बनाया गया।

थावे विद्यापीठ का संबंध शंकर शिव नारायण साहित्य ग्राम, जलविन सागर, गोपालगंज, बिहार से है। विद्यापीठ की अकादमिक परिषद की अनुशंसा के बाद प्रदान की गई यह उपाधि डॉ. पाण्डेय की साहित्यिक साधना और शैक्षणिक योगदान को मान्यता देती है।

डॉ. सुषमा पाण्डेय को ‘विद्यासागर’ की मानद उपाधि मिलने से कोरबा के साहित्यिक एवं शैक्षणिक जगत में हर्ष का माहौल है। उनकी इस उपलब्धि को हिंदी साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।