खदान प्रभावित क्षेत्रों के अधिग्रहण से पहले और बाद के ड्रोन चित्र पेश करे

पीएमजी की बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश

कोरबा। एसईसीएल की खदानों से प्रभावित क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण और पुनर्वास से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए जिला प्रशासन ने प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप (पीएमजी) की बैठक में निर्देशित किया कि प्रभावित भूमि से कब्जा हटाने के पहले और बाद की स्थिति स्पष्ट करने वाले ड्रोन चित्र तैयार कर प्रस्तुत किए जाएं। साथ ही प्रभावित भूमि और परिसंपत्तियों का सर्वे कर उनकी सूचीबद्ध जानकारी व्यवस्थित रूप से रखने को कहा गया, ताकि अधिग्रहण और मुआवजे की कार्रवाई पारदर्शी ढंग से हो सके।

शनिवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में एसईसीएल की कोरबा, कुसमुंडा, दीपका, गेवरा और मानिकपुर परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इस दौरान कोयला उत्खनन के लिए चिह्नित भूमि, भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण, संपत्तियों के मूल्यांकन, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और बसाहटों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता पर विस्तार से चर्चा हुई।

भूमि अधिग्रहण और मुआवजे की प्रक्रिया की समीक्षा

बैठक में जटराज, सुमेधा, रिस्दी, पाली, खोडरी, पड़निया, नराईबोध दर्रा-खांचा, मूड़ियानारा, दर्री, रलिया और गेवरा सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण तथा मुआवजा नीति के अनुसार परिसंपत्तियों के मूल्यांकन पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित भूमि और संपत्तियों का सर्वे कर आवश्यक अभिलेख तैयार रखने के निर्देश दिए।

प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और नई बसाहटों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने एसईसीएल के सभी संबंधित महाप्रबंधकों को निर्देश दिए कि बसाहट क्षेत्रों में बिजली, चिकित्सा, स्कूल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करें।

मुआवजा वितरण के बाद उत्पादन बढ़ाने पर जोर

बैठक में उन क्षेत्रों में कोयला उत्पादन बढ़ाने की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई, जहां मुआवजा वितरण किया जा चुका है। कलेक्टर ने प्रस्तावित खदान क्षेत्रों में आवश्यक सर्वे कराने, मानिकपुर क्षेत्र के पोखरी से संबंधित योजना पर अलग से बैठक आयोजित करने और दीपका क्षेत्र में प्रभावित परिवारों का सर्वे कराने के निर्देश दिए। प्रभावित गांवों में ग्रामसभा आयोजित करने पर भी जोर दिया गया।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात व्यवस्था सुधारने के निर्देश

बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़े प्रस्तावित कार्यों और यातायात व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने उरगा-चांपा और कटघोरा-बिलासपुर मार्ग पर यातायात सुगम एवं व्यवस्थित बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों पर अनधिकृत पार्किंग रोकने और अतिक्रमण हटाने के संबंध में भी कार्रवाई करने को कहा।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, कटघोरा एसडीएम विपिन दुबे, पोड़ी-उपरोड़ा एसडीएम मनोज कुमार बंजारे, पाली एसडीएम रोहित सिंह,कोरबा एसडीएम सरोज महिलांगे, डिप्टी कलेक्टर तुलाराम भारद्वाज, एसईसीएल के संबंधित महाप्रबंधक, राष्ट्रीय राजमार्ग तथा सीजीपीसीडीएल के अधिकारी उपस्थित रहे।