सफाई कर्मचारियों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण पर जोर, कोरबा को मॉडल जिला बनाने की पहल

राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष कैशब बिहारी ने ली अधिकारियों की बैठक,बोले कर्मचारियों के परिवारों को आवास, शिक्षा और शासकीय योजनाओं का मिले लाभ

कोरबा। शहर की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले सफाई कर्मचारियों के सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और बेहतर जीवन स्तर को लेकर राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने जोर दिया है। भारत सरकार के राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष कैशब बिहारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में सफाई कर्मचारियों की कार्य- परिस्थितियों,आवास, पेयजल, वेतन, बच्चों की शिक्षा और कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई।

उन्होंने सफाई कर्मचारियों को समाज का महत्वपूर्ण अंग बताते हुए उनके प्रति सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने तथा कोरबा को ऐसा मॉडल जिला बनाने की अपेक्षा जताई, जहां उन्हें शासन की योजनाओं और सुविधाओं का प्रभावी लाभ मिल सके।

‘सफाई सैनिकों’ के योगदान को सम्मान देने की जरूरत

बैठक में कैशब बिहारी ने सफाई कर्मचारियों को ‘सफाई सैनिक’ की संज्ञा देते हुए कहा कि वे बिना किसी भेदभाव के पूरे समाज की सेवा करते हैं। शहरों, बस्तियों और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। कोरोना काल जैसी कठिन परिस्थितियों में भी सफाई कर्मचारियों ने अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।

उन्होंने कहा कि सफाई कार्य करने वाले कर्मचारियों के प्रति घृणा या भेदभाव की भावना नहीं होनी चाहिए। उनके साथ सम्मान, संवेदनशीलता और समानता का व्यवहार किया जाना चाहिए। सफाई कर्मचारियों को सुरक्षित कार्य-परिस्थितियां, उचित वेतन और गरिमापूर्ण जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में गंभीरता से प्रयास करना जरूरी है।

आवास, पेयजल और सामाजिक सुरक्षा का मिले लाभ

आयोग के उपाध्यक्ष ने सफाई कर्मचारियों और उनके परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ पेयजल, आवास के लिए भूखंड तथा श्रम एवं समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन परिवारों की बुनियादी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्हें शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रभावी पहल की जानी चाहिए।

उन्होंने कर्मचारियों के जीवन स्तर में सुधार के लिए आवास और अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता को महत्वपूर्ण बताया। साथ ही, संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।

सफाई कर्मचारियों के बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर और अधिकारी बनें

कैशब बिहारी ने सफाई कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा को विशेष महत्व देने की बात कही। उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए, ताकि वे डॉक्टर, इंजीनियर, बैंक अधिकारी और आईएएस-आईपीएस जैसे पदों तक पहुंच सकें।

उन्होंने कहा कि बच्चों को प्रोत्साहित करने के साथ उनके परिवारों को भी शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना जरूरी है। शिक्षा और बेहतर अवसरों के माध्यम से सफाई कर्मचारियों के परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

कोरबा बने ऐसा जिला, जहां कर्मचारियों को मिले योजनाओं का पूरा लाभ

बैठक में आयोग के उपाध्यक्ष ने कोरबा को सफाई कर्मचारियों के कल्याण के मामले में मॉडल जिला बनाने की अपेक्षा जताई। उन्होंने कहा कि यहां ऐसे प्रयास होने चाहिए, जिनसे सफाई कर्मचारियों को सम्मानजनक कार्य-परिस्थितियां, जरूरी सुविधाएं और शासन की योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से मिल सके। कोरबा में अपनाई जाने वाली अच्छी पहल दूसरे जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है।

बैठक में कलेक्टर कुणाल दुदावत, सिस्टा के प्रतिनिधि आरपी खाण्डेय, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन,अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, सहायक कलेक्टर जायसवाल,कोरबा एसडीएम सरोज महिलांगे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसएन केशरी, श्रीकांत कसेर सहित अन्य अधिकारी एवं संबंधित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक में सफाई कर्मचारियों के कल्याण, उनके परिवारों के सामाजिक उत्थान और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।