हसदेव बांगो जल विद्युत गृह के ट्रांसफार्मर यार्ड में आग की मॉकड्रिल,7 मिनट में पाया काबू

इमरजेंसी सायरन बजते ही सक्रिय हुई रिस्पांस टीम, आपदा प्रबंधन और अग्निशमन तैयारियों का किया परीक्षण

कोरबा। जिले के माचाडोली स्थित हसदेव बांगो जल विद्युत गृह में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए मॉकड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान ट्रांसफार्मर यार्ड में भीषण आग लगने की काल्पनिक स्थिति निर्मित की गई।

इमरजेंसी सायरन बजते ही फायर एवं इमरजेंसी रिस्पांस टीम हरकत में आ गई और निर्धारित प्रक्रिया के तहत आग बुझाने का अभ्यास शुरू किया। टीम ने महज 7 मिनट में आग पर नियंत्रण पाने का प्रदर्शन किया।

काल्पनिक आग की स्थिति बनाकर परखी गई तैयारी
सीएसईबी की एचटीपीएस परियोजना के अंतर्गत संचालित 120 मेगावाट क्षमता वाले हसदेव बांगो जल विद्युत गृह में आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की प्रभावशीलता का आकलन करना था।

मॉकड्रिल के दौरान ट्रांसफार्मर यार्ड में आग लगने की स्थिति बनाकर यह परखा गया कि आपातकालीन सूचना मिलने पर संबंधित टीमें कितनी तेजी से सक्रिय होती हैं और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए आग पर नियंत्रण कैसे करती हैं।

सायरन बजते ही फायर एवं इमरजेंसी रिस्पांस टीम घटनास्थल पर पहुंची। इसके बाद आग बुझाने और उसे दूसरे हिस्सों तक फैलने से रोकने के लिए निर्धारित तकनीकी एवं व्यावहारिक प्रक्रियाओं का प्रदर्शन किया गया।

टीम के समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया पर जोर
अभ्यास के दौरान आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने, उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने तथा विभिन्न टीमों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया गया। इसका मुख्य उद्देश्य वास्तविक दुर्घटना के समय जान-माल के नुकसान को कम करने और स्थिति को जल्द नियंत्रित करने की तैयारियों को मजबूत करना था।

प्रबंधन के अनुसार, औद्योगिक एवं विद्युत परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों का पालन करने के साथ-साथ समय-समय पर इस तरह के अभ्यास आयोजित करना जरूरी है। इससे कर्मचारियों की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन करने और संभावित कमियों को दूर करने में मदद मिलती है।

मॉकड्रिल में राकेश चंद्र गुप्ता, राजेश बंजारा, सुनील कुमार टोप्पो, रामसिंह उइके, पीयूष सोमानी, हीरेंद्र पाल, अमित कंवर, पानरिया सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं सुरक्षा कर्मी उपस्थित रहे।

सात मिनट में आग पर नियंत्रण पाने के प्रदर्शन के साथ संपन्न इस मॉकड्रिल ने आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई, टीमवर्क और सुरक्षा तैयारियों के महत्व को रेखांकित किया।