एनएच-130 पर हादसों को न्योता दे रहा कौहानाला का संकरा पुल, सुरक्षा रेलिंग तक नहीं

कोरबा। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130 पर कसनिया के पास स्थित कौहानाला का पुराना और संकरा पुल दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ा रहा है। सड़क चौड़ीकरण के बाद जहां वाहनों की आवाजाही बढ़ी है, वहीं पुल आज भी अपनी पुरानी चौड़ाई में सिमटा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि पुल के दोनों ओर सुरक्षा रेलिंग तक नहीं है। ऐसे में यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस स्थान पर पहले भी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, इसके बावजूद पुल की सुरक्षा और चौड़ीकरण को लेकर अब तक ठोस पहल नहीं हो सकी है।

सड़क चौड़ी हुई, पुल की समस्या बरकरार

राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ने के साथ सुरक्षित आवागमन की जरूरत भी बढ़ी है। इसके बावजूद कसनिया के पास कौहानाला पुल की चौड़ाई नहीं बढ़ाई गई। संकरे पुल से वाहनों की आवाजाही के दौरान सावधानी बरतना जरूरी हो जाता है। वहीं, दोनों ओर सुरक्षा रेलिंग का अभाव दुर्घटना की आशंका को और गंभीर बनाता है।

पहले हो चुके हैं हादसे, फिर भी नहीं चेता विभाग

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल की स्थिति लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है। इस स्थान पर पहले भी दुर्घटनाएं होने की बात सामने आई है। इसके बावजूद न तो पुल के चौड़ीकरण की दिशा में ठोस कदम दिखाई दे रहे हैं और न ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। लोगों का सवाल है कि जब सड़क का चौड़ीकरण किया गया, तब पुल को भी बढ़ते यातायात के अनुरूप विकसित क्यों नहीं किया गया?

सुरक्षा रेलिंग और संकेतक लगाने की मांग

क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग से पुल का तत्काल निरीक्षण कराने, आवश्यकतानुसार चौड़ीकरण करने तथा दोनों ओर मजबूत सुरक्षा रेलिंग लगाने की मांग की है। इसके साथ ही दुर्घटना संभावित स्थल की जानकारी देने वाले चेतावनी संकेतक लगाने पर भी जोर दिया है, ताकि वाहन चालक पहले से सतर्क हो सकें।

बड़े हादसे का इंतजार क्यों?

कौहानाला पुल की मौजूदा स्थिति ने सड़क सुरक्षा से जुड़े इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी बड़ी दुर्घटना के बाद सक्रिय होने के बजाय संबंधित विभाग को समय रहते जरूरी कदम उठाने चाहिए। पुल का चौड़ीकरण और सुरक्षा उपायों की व्यवस्था होने से न केवल वाहन चालकों को राहत मिलेगी, बल्कि संभावित दुर्घटनाओं का खतरा कम करने में भी मदद मिलेगी। अब जरूरत है कि संबंधित विभाग इस समस्या को गंभीरता से लेकर जल्द कार्रवाई करे।