नवरात्र में जेबकतरों पर पुलिस की पैनी नजर

मंदिरों और पूजा पंडालों में वर्दी के साथ सिविल ड्रेस में भी तैनाती, पुराने घटनास्थलों पर रहेगी खास निगरानी

कोरबा।आश्विन नवरात्र का पर्व 11 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है। नौ दिनों तक शहर में धार्मिक आयोजनों, दुर्गा पूजा पंडालों और मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ेगी। भीड़ का फायदा उठाकर चोरी और जेबकतरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले तत्वों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है।

पिछले वर्षों में त्योहारी भीड़ के दौरान सामने आई चोरी और जेबकतरी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने ऐसे स्थानों को चिन्हित किया है, जहां बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है और पूर्व में इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। इन स्थानों पर पुलिस की विशेष निगरानी रहेगी।

पंडालों में महिला पुलिस भी संभालेगी मोर्चा
शहर के प्रमुख मंदिरों और दुर्गा पूजा पंडालों में पर्याप्त संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती की जाएगी। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिला पुलिसकर्मियों को भी ड्यूटी पर लगाया जाएगा।

सुरक्षा व्यवस्था केवल वर्दीधारी जवानों तक सीमित नहीं रहेगी। सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मी भीड़ के बीच मौजूद रहकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे। भीड़ में जेबकतरी, चोरी या किसी अन्य अवांछित गतिविधि का पता चलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

बाहरी जेबकतरा गिरोहों पर भी नजर
पुलिस के पिछले अनुभव के अनुसार त्योहारी सीजन में आसपास के क्षेत्रों से जेबकतरे और चोरी करने वाले गिरोह भीड़भाड़ वाले आयोजनों को निशाना बनाने की कोशिश करते हैं। धार्मिक आयोजन, बाजार और पूजा पंडाल ऐसे लोगों के लिए आसान निशाना बन सकते हैं, क्योंकि इस दौरान लोगों का ध्यान कार्यक्रमों और खरीदारी में अधिक रहता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने संवेदनशील स्थानों की पहचान कर निगरानी की रणनीति तैयार की है। भीड़ के बीच संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ पुलिसकर्मी जरूरत पड़ने पर संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी कर सकेंगे।

श्रद्धालुओं से भी सतर्क रहने की अपील
पुलिस की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्स, मोबाइल, आभूषण और अन्य कीमती सामान को संभालकर रखें। किसी अनजान व्यक्ति की संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।

नवरात्र के दौरान मंदिरों और पूजा पंडालों में भीड़ प्रबंधन के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर पुलिस का विशेष फोकस रहेगा, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में धार्मिक आयोजनों में शामिल हो सकें।