रात में मरीज पहुंचे तो कौन करेगा इलाज? कटोरी-नगोई पीएचसी की व्यवस्था पर सवाल

डॉक्टर-नर्स नहीं मिलने का आरोप, ड्यूटी रोस्टर और उपस्थिति रजिस्टर जांचने की मांग

कोरबा। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के दावों के बीच पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत कटोरी-नगोई स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की रात्रिकालीन व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि रात के समय पीएचसी में डॉक्टर, नर्स सहित जरूरी स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध नहीं रहते, जिससे अचानक बीमार पड़ने वाले मरीजों को तत्काल उपचार मिलने में परेशानी होती है।

ग्रामीणों के अनुसार हाल के दिनों में रात के समय स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे लोगों को पंजीयन कक्ष में जिम्मेदार कर्मचारी नहीं मिले। अस्पताल में बिस्तर और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं मौजूद होने के बावजूद उपचार के लिए संबंधित स्टाफ की अनुपस्थिति को लेकर लोगों में नाराजगी है।

आपात स्थिति में कहां जाएं मरीज?
कटोरी-नगोई पीएचसी आसपास के कई गांवों के लोगों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में रात के समय किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ने या किसी आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचने पर यदि डॉक्टर या नर्स उपलब्ध नहीं हों तो मरीजों को तत्काल उपचार के लिए दूर जाना पड़ सकता है।

ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए रात्रिकालीन ड्यूटी व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि संबंधित डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों का ड्यूटी रोस्टर, उपस्थिति रजिस्टर और रात्रिकालीन तैनाती की वास्तविक स्थिति जांची जानी चाहिए।

CMHO और BMO से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) तथा विकासखंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। साथ ही यह सुनिश्चित करने की मांग की गई है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में निर्धारित समय पर स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहें, ताकि ग्रामीणों को आपात स्थिति में तत्काल उपचार मिल सके।

हालांकि, रात्रिकालीन ड्यूटी में कर्मचारियों की अनुपस्थिति के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।