फ्लाई ऐश की अवैध डंपिंग पर अब संयंत्र प्रबंधन की भी तय होगी जवाबदेही

कलेक्टर ने ताप विद्युत संयंत्रों को दिए सख्त निर्देश, नियम तोड़े तो पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के साथ कार्रवाई

कोरबा। जिले में फ्लाई ऐश के परिवहन, उपयोग और निपटान में लापरवाही अब भारी पड़ सकती है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कुणाल दुदावत ने ताप विद्युत संयंत्रों के अधिकारियों को फ्लाई ऐश प्रबंधन के नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में कहीं भी अवैध डंपिंग पाए जाने पर संबंधित संयंत्र प्रबंधन की जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिया कि संयंत्रों से निकलने वाली फ्लाई ऐश का परिवहन केवल आईडब्ल्यूएमएमएस पोर्टल में पंजीकृत वाहनों से ही किया जाए। संयंत्र प्रबंधन परिवहन से लेकर उपयोग और निपटान तक पूरी प्रक्रिया की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करे।

उन्होंने कहा कि फ्लाई ऐश को यत्र-तत्र या अनुपयुक्त स्थानों पर डंप करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अवैध डंपिंग मिलने पर संबंधित ताप विद्युत संयंत्र पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की जाएगी। साथ ही डंपिंग में इस्तेमाल वाहन और संबंधित फर्म या एजेंसी के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई होगी।

कलेक्टर ने कहा कि फ्लाई ऐश का सुरक्षित और नियमानुसार प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण के लिए बेहद जरूरी है। सभी संयंत्र नियमों का पालन सुनिश्चित करें और अवैध डंपिंग की पुनरावृत्ति किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए।

बैठक में अपर कलेक्टर देवेन्द्र पटेल, पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी प्रसन्ना सोनकर, आरटीओ अतुल असैया सहित ताप विद्युत संयंत्रों के अधिकारी, प्रतिनिधि और फ्लाई ऐश परिवहनकर्ता मौजूद रहे।