गेवरा खदान के लिए अधिग्रहण में सरकारी भवनों पर चला बुलडोजर

स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी और पटवारी कार्यालय ढहाए, सामान नहीं निकालने देने का आरोप; ग्रामीणों का भारी विरोध

कोरबा। एसईसीएल की गेवरा खदान के विस्तार के लिए प्रस्तावित जमीन अधिग्रहण को लेकर शुक्रवार को हरदीबाजार में जिला प्रशासन की कार्रवाई से तनाव की स्थिति बन गई। प्रशासन की टीम ने जेसीबी और बुलडोजर से स्वास्थ्य केंद्र, छात्रावास, आंगनबाड़ी और पटवारी कार्यालय समेत अन्य भवनों को ढहा दिया। कार्रवाई का ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया। स्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।

ग्रामीणों और संबंधित कर्मचारियों का आरोप है कि कार्रवाई से पहले कार्यालयों और संस्थानों में रखा सामान बाहर निकालने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। कर्मचारियों के मुताबिक स्वास्थ्य केंद्र में दवाइयां और दस्तावेज समेत अन्य सामग्री थी, जबकि पटवारी कार्यालय का सामान भी अंदर था। आंगनबाड़ी केंद्र को भी खाली कराए बिना तोड़े जाने का आरोप लगाया गया है।

इलाज कराने पहुंचे मरीज लौटे
कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य केंद्र में रोज की तरह इलाज कराने पहुंचे मरीजों को भी वापस लौटना पड़ा। मरीजों और उनके परिजनों का कहना था कि उन्हें अचानक भवन तोड़े जाने की जानकारी मिली, जिससे उपचार के लिए परेशानी हुई। ग्रामीणों ने मांग उठाई कि पहले वैकल्पिक स्वास्थ्य एवं अन्य सरकारी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, उसके बाद ही भवनों को हटाया जाए।

कार्रवाई की खबर फैलते ही हरदीबाजार और आसपास के गांवों के ग्रामीण मौके पर जुट गए। विरोध बढ़ने पर प्रशासन ने पुलिस बल तैनात किया। मौके पर एसडीएम, तहसीलदार सहित प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

विधायक पहुंचे मौके पर, कल से गेट पर ताला लगाने की चेतावनी
विरोध की सूचना पर कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों और एसईसीएल प्रबंधन से चर्चा की। विधायक ने कहा कि हरदीबाजार में अस्पताल, आरआई भवन, पटवारी कार्यालय और स्टाफ क्वार्टर को बिना सूचना दिए तोड़े जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है।

उन्होंने बताया कि एसईसीएल अधिकारियों और एसडीएम से चर्चा कर ग्रामीणों की जायज मांगों को पूरा करने कहा गया है। विधायक ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर शनिवार से एसईसीएल के प्रशासनिक भवन के गेट पर ताला लगाने का निर्णय लिया गया है।