गेवरा परियोजना में नौकरी के नाम पर 1.05 लाख की ठगी का आरोप

दो ग्रामीणों से वाहन चालक की नौकरी दिलाने के नाम पर रकम लेने का दावा, पुलिस ने दर्ज की एनसीआर

कोरबा। गेवरा परियोजना में निजी ठेका कंपनी में वाहन चालक की नौकरी दिलाने के नाम पर दो ग्रामीणों से कुल 1.05 लाख रुपए लेने का मामला सामने आया है। ग्राम ढोलपुर निवासी दोनों ग्रामीणों ने एक व्यक्ति पर नौकरी का झांसा देकर रकम ऐंठने और काम नहीं लगने के बाद पूरी राशि वापस नहीं करने का आरोप लगाया है। मामले में कुसमुंडा और हरदीबाजार थाने में शिकायत के आधार पर एनसीआर दर्ज की गई है।

शिकायत के अनुसार, एक ग्रामीण से नौकरी लगवाने के नाम पर 45 हजार रुपए लिए गए। उसने 2 फरवरी 2026 को ऑनलाइन माध्यम से पूरी राशि का भुगतान किया था। 15 दिन में नौकरी लगवाने अथवा काम नहीं होने पर रकम लौटाने का भरोसा दिया गया था। नौकरी नहीं लगने पर दबाव बनाने के बाद कथित आरोपी ने 23 मई को 10 हजार रुपए वापस किए, लेकिन 35 हजार रुपए अब भी बकाया होने का आरोप है। पीड़ित का कहना है कि उसने ब्याज पर रकम लेकर भुगतान किया था।

इसी तरह दूसरे ग्रामीण प्रदीप महंत ने आरोप लगाया कि वाहन चालक की नौकरी दिलाने के नाम पर उससे 60 हजार रुपए नकद लिए गए। नौकरी नहीं लगने पर कथित आरोपी ने 20 हजार रुपए नकद और 28 मई को फोन-पे के माध्यम से 20 हजार रुपए लौटाए। शेष 20 हजार रुपए अब भी बकाया हैं। प्रदीप के मुताबिक उसने रकम जुटाने के लिए अपना खेत गिरवी रखा था।

दोनों मामलों में कुल 1.05 लाख रुपए लेने और 50 हजार रुपए वापस करने के बाद 55 हजार रुपए बकाया रखने का आरोप है।

कुसमुंडा पुलिस ने एनसीआर क्रमांक 199/26 तथा हरदीबाजार पुलिस ने एनसीआर क्रमांक 0192/ 2026 दर्ज की है। पुलिस के अनुसार मामला रुपयों के लेन-देन से संबंधित पाए जाने पर शिकायतकर्ताओं को कानूनी कार्रवाई और बकाया राशि की वसूली के लिए सक्षम न्यायालय की शरण लेने की सलाह दी गई है।

पीड़ितों ने पुलिस के उच्च अधिकारियों से मामले में कार्रवाई कर उनकी रकम वापस दिलाने की मांग की है। वहीं पुलिस ने नौकरी के नाम पर किसी बिचौलिए को नकद रकम देने से बचने की अपील की है।

किसी कंपनी में नौकरी के लिए भुगतान करने से पहले संबंधित संस्थान के अधिकृत एचआर विभाग अथवा आधिकारिक माध्यम से जानकारी की पुष्टि करने की सलाह दी गई है।