गेवरा में सदस्यता सत्यापन में इंटक अव्वल, एटक दूसरे नंबर पर

बीएमएस तीसरे और एचएमएस चौथे स्थान पर; नोटा ने चौंकाया, 35 श्रमिकों ने किसी संगठन को नहीं चुना

कोरबा। एसईसीएल गेवरा क्षेत्र में श्रमिक संगठनों के सदस्यता सत्यापन में लंबे समय बाद एसईकेएमसी (इंटक) ने बाजी मारते हुए पहला स्थान हासिल किया है। दो दिवसीय सत्यापन में इंटक को 121 श्रमिकों ने सदस्यता फार्म जमा किए। एटक 98 सदस्यों के साथ दूसरे, बीएमएस 80 के साथ तीसरे और एचएमएस 21 सदस्यों के साथ चौथे स्थान पर रहा। वहीं 35 श्रमिकों ने नोटा का विकल्प चुना, जिसने एक संगठन को पीछे छोड़ दिया।

मुख्यालय द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार गेवरा क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक श्रमिकों से सदस्यता सत्यापन फार्म जमा कराए गए। कुल 454 श्रमिकों में से 355 ने अपने सत्यापन फार्म जमा किए।

सत्यापन के पहले दिन ही इंटक ने बढ़त बना ली थी। पहले दिन इंटक को 81, एटक को 70, बीएमएस को 52 और एचएमएस को 13 श्रमिकों का समर्थन मिला। दूसरे दिन इंटक के पक्ष में 40 और फार्म जमा होने के साथ उसकी संख्या 121 पहुंच गई। एटक के 28 नए फार्मों के साथ संख्या 98, बीएमएस के 28 के साथ 80 और एचएमएस के 8 नए फार्मों के साथ कुल संख्या 21 हो गई। नोटा के पक्ष में 35 श्रमिकों ने फार्म जमा किए।

सदस्यता सत्यापन के नतीजे सामने आने के बाद इंटक ने इसे श्रमिकों के भरोसे की जीत बताया है। एसईकेएमसी (इंटक) गेवरा क्षेत्रीय इकाई के अध्यक्ष हरनाम सिंह कंवर और सचिव दिनेश कुमार दुबे ने कहा कि सरकार की नीतियों से निराश श्रमिकों को इंटक से उम्मीद है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की श्रम नीतियों से कोयला श्रमिकों में असंतोष है।

उन्होंने कहा कि कोयला खानों के राष्ट्रीयकरण के बाद श्रमिकों को मिले अधिकारों को धीरे-धीरे कमजोर किया जा रहा है।इंटक श्रमिकों के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ती रही है और आगे भी श्रमिक हितों के लिए संघर्ष जारी रहेगा।