रेलवे की मनमानी के खिलाफ 10 दिन का अल्टीमेटम, मांग पूरी नहीं हुई तो चक्काजाम

बैरा उदरदा का वर्षों पुराना रास्ता बंद होने से ग्रामीणों में आक्रोश, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन; वैकल्पिक मार्ग या अंडरपास की मांग

कोरबा। पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बैरा उदरदा का वर्षों पुराना मार्ग बंद होने से क्षेत्र में जनआक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पेंड्रारोड-गेवरा दीपका रेल कॉरिडोर निर्माण के चलते रेलवे ने बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए मुख्य आवागमन मार्ग को अवरुद्ध कर दिया है। इससे जहां पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित हुई है, वहीं स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

रेलवे की इस व्यवस्था के विरोध में क्षेत्र के ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने अब आंदोलन की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने 10 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं होने पर चक्काजाम और व्यापक आंदोलन करने का अल्टीमेटम दिया है।

कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

क्षेत्रीय ग्राम पंचायतों के सरपंचों एवं ग्रामीणों ने युसूफ खान के नेतृत्व में कलेक्टोरेट पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मौके का तत्काल प्रशासनिक निरीक्षण कराने तथा ग्रामीणों के आवागमन के लिए सुरक्षित रेलवे अंडरपास, ओवरब्रिज अथवा वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था तत्काल शुरू कराने की मांग की गई।

ग्रामीणों ने कहा कि वे रेलवे के विकास कार्यों का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन विकास के नाम पर आम लोगों का आवागमन बंद करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था करना जरूरी है।

पर्यटन कारोबार पर पड़ा असर

ग्रामीणों के अनुसार बैरा उदरदा अपनी प्राकृतिक सुंदरता और जलराशि के कारण क्षेत्र का प्रमुख पर्यटन स्थल है। मार्ग बंद होने से पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर यहां संचालित छोटे कारोबार पर पड़ा है। पर्यटन से जुड़े दुकानदारों और स्थानीय परिवारों की आय प्रभावित होने से उनके सामने आर्थिक संकट की स्थिति निर्मित हो गई है।

10 दिन बाद सड़क पर उतरने की चेतावनी

ग्रामीणों ने प्रशासन और रेलवे प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि 10 दिनों के भीतर ठोस पहल नहीं हुई तो क्षेत्रवासी सामूहिक रूप से चक्काजाम और आंदोलन करेंगे।

अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और रेलवे प्रबंधन ग्रामीणों की मांग पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और बंद मार्ग के विकल्प के रूप में क्या व्यवस्था की जाती है।