सफाईकर्मियों की सुरक्षा पर निगम का फोकस, कर्मियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण

रैंकिंग में सुधार के बाद सफाई मित्रों और सीवर-सेप्टिक टैंक कर्मियों की सुरक्षा को प्राथमिकता, पीपीई किट समेत आधुनिक उपकरण उपलब्ध

कोरबा। स्वच्छता के क्षेत्र में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर नगर निगम कोरबा की रैंकिंग में हुए सुधार के बाद निगम ने सफाई व्यवस्था के साथ-साथ सफाईकर्मियों की सुरक्षा और कल्याण पर भी विशेष फोकस शुरू किया है। सफाई मित्रों, स्वच्छता दीदियों तथा सीवर लाइन और सेप्टिक टैंक की सफाई में लगे कर्मियों को सुरक्षित तरीके से कार्य संपादन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही उन्हें आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

नगर निगम के अनुसार कोरबा के 18 एसएलआरएम सेंटरों में कार्यरत स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों को बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। मेन्युअल रिक्शों की जगह ई-रिक्शे उपलब्ध कराने के साथ आवश्यक सुरक्षा उपकरण भी दिए गए हैं। कर्मियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने की दिशा में भी निगम कार्य कर रहा है।

सुविधाओं के साथ सामाजिक सुरक्षा का लाभ
सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों को श्रम कार्ड, आयुष्मान कार्ड तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की सुविधा रियायती दरों पर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी की जा रही है। वहीं, अपशिष्ट संग्रहण को और व्यवस्थित करने के लिए निगम ई-रिक्शों एवं अपशिष्ट एकत्रीकरण वाहनों की ऐसी डिजाइन तैयार करा रहा है, जिसमें न्यूनतम 8 श्रेणियों के कचरे को अलग-अलग संग्रहित और परिवहन किया जा सके।

सीवर-सेप्टिक सफाई में मशीनों का इस्तेमाल
भारत सरकार की महत्वपूर्ण ‘नमस्ते’ योजना में छत्तीसगढ़ के देश में संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त करने में नगरीय निकायों के साथ नगर निगम कोरबा का भी योगदान रहा है। योजना के तहत सीवर लाइन और सेप्टिक टैंक की सफाई में लगे सफाई मित्रों को सुरक्षित कार्य के लिए विभिन्न उपकरण और मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं।

इनमें सीवर रॉडिंग मशीन, सीवर सेक्शन मशीन तथा अन्य आवश्यक उपकरण शामिल हैं। सफाई कर्मियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें पीपीई किट भी प्रदान किए गए हैं।

पीपीई किट में हेलमेट, गमबूट, फुल हार्नेस ड्रेस, मास्क, ग्लव्स, रिफ्लेक्टर जैकेट और एप्रोन सहित अन्य सुरक्षा सामग्री शामिल है।

नगर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने कहा कि नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ निगम के कर्मचारियों के हितों और सुरक्षा का संरक्षण भी प्राथमिकता है। कर्मचारियों की सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।